इंदौर में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल शुरू, पुलिस पर पक्षपात के आरोप तेज, ट्रकों की नो एंट्री से ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश, इंदौर में बंद का असर
एरोड्रम हादसे के बाद शहर में ट्रक एंट्री पर सख्ती, इंदौर ट्रक ऑपरेटरों का विरोध तेज, लोहे के ट्रकों को मिली एंट्री पर सवाल

इंदौर में ट्रक एंट्री पर पुलिस की सख्ती के विरोध में सोमवार से ट्रांसपोर्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। पुलिस पर आरोप है कि उसने कुछ नेताओं से जुड़े ट्रकों को प्रवेश की अनुमति दी, जिससे ट्रांसपोर्ट संगठनों में रोष बढ़ गया है।
एसोसिएशन ऑफ पार्सल ट्रांसपोर्ट एंड फ्लीट ऑनर्स, इंदौर ट्रक ऑपरेटर एण्ड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और देवास नाका वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त आवाहन पर सोमवार से इंदौर में अनिश्चितकालीन स्वैच्छिक बंद शुरू हुआ। सभी ट्रांसपोर्ट संस्थाओं ने इस आंदोलन में सहयोग दिया है। ट्रांसपोर्टर्स ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लोहे के भारी ट्रकों को शहर में प्रवेश की अनुमति दी है, जबकि अन्य ट्रकों को रोका जा रहा है। बताया गया कि जिन ट्रकों को अनुमति दी गई है, वे विधायक गोलू शुक्ला और पूर्व विधायक व बीजेपी नेता संजय शुक्ला के परिजनों के हैं।
ट्रक एंट्री पर सख्ती से बढ़ा विवाद
इंदौर के एरोड्रम मार्ग पर हुए ट्रक हादसे के बाद पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी थी। इससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बढ़ी। ट्रकों को लंबे समय तक शहर की सीमा के बाहर रोक दिया जाता है, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है। सोमवार से हड़ताल के चलते ट्रकों से माल ढुलाई पूरी तरह बंद रही। इससे अन्य व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। नवरात्रि के दौरान देर रात तक भीड़ रहने से स्थिति और जटिल हो गई है। ट्रांसपोर्ट हड़ताल को अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी समर्थन दिया है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की नाराजगी और मांगें
एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने कहा कि सख्ती के नाम पर ट्रकों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। नियमों के अनुसार पात्र ट्रकों को भी शहर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। कई बार छह से आठ घंटे तक वाहनों को रोका जाता है, जिससे ड्रायवरों और क्लीनरों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है।
ट्रांसपोर्टरों ने पांच सूत्रीय मांग रखी है —
- पालदा-नवलखा मार्ग पर दोपहर 12 से शाम 5 और रात 9 से सुबह 8 बजे तक भार वाहक वाहनों को छूट दी जाए।
- उक्त मार्ग पर येलो लाइन डालकर ट्रकों को कतारबद्ध चलाने की व्यवस्था हो।
- स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाया जाए।
- व्यवसायिक केंद्रों में दोपहर 12 से 4 बजे तक ट्रक एंट्री की अनुमति मिले।
- रिंग रोड और प्रमुख पहुँच मार्ग चौबीस घंटे के लिए मुक्त रखे जाएं।



