सेंधवा; अमृत-2 योजना के तहत 20 करोड़ की पाइपलाइन परियोजना पर परीक्षण कार्य प्रारंभ
रेलावती डेम से फिल्टर प्लांट तक पेयजल पाइपलाइन के डिजाइन अनुमोदन के बाद शीघ्र प्रारंभ होगा निर्माण कार्य

जनोदय पंच। सेंधवा। नगर में अमृत-2 योजना के तहत रेलावती डेम से फिल्टर प्लांट तक पानी लाने के लिए 20 करोड़ की पाइपलाइन परियोजना पर परीक्षण कार्य शुरू हुआ। योजना की डिजाइन स्वीकृति के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
सेंधवा नगर में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए अमृत-2 योजना के तहत 20 करोड़ की लागत से रेलावती डेम से फिल्टर प्लांट तक पाइपलाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना के अंतर्गत निर्माण एजेंसी द्वारा कार्ययोजना की डिजाइन और स्थल साइल बेयरिंग कैपेसिटी परीक्षण किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका उपयंत्री सचिन अलुने और पीडीएमसी के एआरई जयश वर्मा ने मौके पर पहुंचकर ब्रेक प्रेशर टैंक के प्लेट लोड टेस्ट का निरीक्षण किया।
डिजाइन तैयार, अनुमोदन की प्रक्रिया जारी
जानकारी के अनुसार, निर्माण एजेंसी ने पाइपलाइन योजना की चार प्रारंभिक डिजाइनें तैयार कर उनकी स्वीकृति प्राप्त कर ली है, जिन्हें अब अनुमोदन के लिए भोपाल भेजा गया है। डिजाइन स्वीकृत होते ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मंगलवार को किए गए परीक्षण के दौरान फील्ड इंजीनियर रूपसिंह सिसोदिया और ठेकेदार की टीम भी उपस्थित रही। परीक्षण पूर्ण होने के बाद डिजाइन ड्राइंग तैयार की जाकर इंजीनियरिंग कॉलेज भेजी जाएगी। कॉलेज द्वारा अनुमोदन मिलने के बाद विभागीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके उपरांत ठेकेदार द्वारा ब्रेक प्रेशर टैंक का निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा।
पूर्व कार्य और चयनित स्थल
इससे पहले राइजिंग मेन इंटेक वेल की डिजाइन ड्राइंग का अनुमोदन इंजीनियरिंग कॉलेज से प्राप्त कर भोपाल भेजा जा चुका है। इंटेक वेल के लिए स्थान का चयन पूर्व में नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, उपाध्यक्ष मोहन जोशी, सीएमओ मधु चौधरी, अरुण चौधरी, प्रवक्ता सुनील अग्रवाल और पार्षदों की उपस्थिति में किया गया था। वर्षा ऋतु में रेलावती डेम में पानी लबालब भरा होने से इंटेक वेल निर्माण नहीं किया जा सका था। अब ग्रीष्म ऋतु में जब जलस्तर घटेगा, तब यह कार्य शुरू होगा।
उपयंत्री सचिन अलुने ने बताया कि अमृत-2 योजना के अंतर्गत पाइपलाइन कार्य शीघ्र प्रारंभ हो, इसके लिए निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही भोपाल से डिजाइन अनुमोदन प्राप्त होगा, तत्काल पाइपलाइन और ब्रेक प्रेशर टैंक निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।



