खेतिया। मक्का के दाम पर किसानों का आक्रोश, खेतिया-सेंधवा मार्ग पर चक्का जाम

खेतिया। जयेश पटेल। बड़वानी जिले की खेतिया कृषि उपज मंडी में गुरुवार को किसानों ने मक्का के उचित दाम न मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी फसल सड़क पर ढेर कर सेंधवा-खेतिया स्टेट हाईवे जाम कर दिया। इस कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसान दो दिनों से मंडी में अपनी उपज बेचने के लिए परेशान थे। व्यापारियों द्वारा बहुत कम दाम की पेशकश किए जाने से किसानों का गुस्सा भड़क गया। किसान कांतिलाल ने बताया कि वे दो दिन से मंडी में बैठे हैं, लेकिन व्यापारी बहुत कम दाम दे रहे हैं।
विरोध के दौरान किसानों ने सड़कों पर मक्का फेंककर आक्रोश जताया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस बीच किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम रमेश सिसोदिया, एसडीओपी आयुष अलावा, मंडी सचिव एल.एस. सेनानी और खेतिया थाना प्रभारी सुरेंद्र कनेश मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आने से मार्ग पर ट्रैक्टर खड़े हो गए, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
प्रदेश अध्यक्ष बोले – किसानों की मेहनत कुचली जा रही है
जयस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजू पटेल ने इस घटना पर कहा – “सोचिए, जिसने मक्के के हर दाने को अपने पसीने से सींचा, वही आज अपनी मेहनत का अपमान देख रहा है। यह आर्थिक नहीं, बल्कि आत्मिक अपमान है।” पटेल ने कहा कि व्यापारी जब ₹800 में पसीने की कीमत तय करता है, तो यह केवल सौदा नहीं, बल्कि अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब किसानों की चुप्पी नहीं चलेगी।

किसानों की चेतावनी – समर्थन मूल्य तय न हुआ तो बढ़ेगा आंदोलन
किसानों के अनुसार, व्यापारी मक्का केवल 6 से 7 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदने की बात कर रहे हैं। ग्रामीण और आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में मक्का, ज्वार, कपास और दलहन मुख्य फसलें हैं। इस वर्ष अति वर्षा से पहले ही फसलों को नुकसान हुआ था, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित दाम और समर्थन मूल्य नहीं तय किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।




