खरगोन-बड़वानीमुख्य खबरे

खेतिया चक्काजाम पर बड़ा फैसला, किसानों का 27 घंटे बाद आंदोलन समाप्त, किसानों का संघर्ष रंग लाया, 700 में बिक रही मक्का अब 1150 रुपए में खरीदी जाएगी

खेतिया कृषि उपज मंडी में मक्का की कम बोली से भड़के किसानों का आंदोलन प्रशासन की लिखित सहमति के बाद खत्म।

खेतिया कृषि उपज मंडी में मक्का को 700 रुपए में खरीदने की बोली से किसानों में गहरा आक्रोश फैल गया। किसानों ने 27 घंटे तक चक्काजाम और धरना दिया। प्रशासन से लिखित सहमति मिलने पर आंदोलन समाप्त हुआ और मक्का खरीद मूल्य 1150 रुपए तय किया गया।

खेतिया कृषि उपज मंडी में मक्का की मात्र 700 रुपए प्रति क्विंटल बोली लगाए जाने पर किसानों में भारी आक्रोश फैल गया। किसानों ने सुबह 11 बजे से स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर धरना शुरू किया, जो 27 घंटे तक जारी रहा। इस दौरान किसानों ने मंडी में कर्मचारियों की लापरवाही और व्यापारी के मनमाने बोली व्यवहार का विरोध किया। मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस जिला बड़वानी के जिलाध्यक्ष सिलदार सोलंकी लगातार किसानों से संपर्क में रहे और सुबह स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की परेशानी सुनी, मंडी की अनियमितताओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और जिम्मेदार अधिकारी तथा व्यापारी पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन से बैठक और लिखित सहमति

सोलंकी ने सेंधवा एसडीएम सहित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि किसानों की उपज का मूल्य समर्थन मूल्य के अनुरूप ही तय होना चाहिए। उन्होंने सोयाबीन और सीसीआई की कपास खरीदी में चल रही अनियमितताओं पर भी चिंता जताई। किसानों की स्थिति देखते हुए उन्होंने किसानदृव्यापारीदृप्रशासन की संयुक्त बैठक का प्रस्ताव रखा। बैठक में प्रशासन ने प्रमुख मांगें स्वीकार करने का लिखित आश्वासन दिया। इसी सहमति के बाद किसानों ने मक्का को हाईवे से हटाया और चक्काजाम समाप्त किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खराब मक्का, जिसकी खरीद 700 रुपए में हुई थी, अब 1150 रुपए में खरीदी जाएगी और शेष मक्का मंडी के निर्धारित दरों पर खरीदी जाएगी।

कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री, किसानों ने जताई निराशा

इसी दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खेतिया के मोरतलाई कार्यक्रम में पहुंचे। किसानों को उम्मीद थी कि वे आंदोलन और मक्का संकट पर बात करेंगे, लेकिन कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं का उल्लेख नहीं किया गया। किसानों का कहना था कि उन्हें राहत और उचित मूल्य चाहिए, न कि अव्यावहारिक आंकड़ों वाले दावे। किसानों ने इसे गंभीर निराशा और उपेक्षा के रूप में देखा।

किसान दया नहीं, सम्मान चाहते हैं-सोलंकी

प्रेस से बात करते हुए सिलदार सोलंकी ने कहा कि किसान दया नहीं, सम्मान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की अनदेखी करने वाली नीतियों के खिलाफ किसान कांग्रेस मजबूती से खड़ी है और आगे भी किसानों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। खेतिया मंडी में प्रतिदिन 250दृ300 वाहनों में मक्का पहुंचती है, जहां सुबह 10 बजे और दोपहर 3 बजे नीलामी होती है। किसानों ने मांग रखी कि इन नीलामियों में उन्हें समर्थन मूल्य के अनुरूप दाम मिलें और किसी तरह का अन्याय न हो। प्रशासन की लिखित सहमति मिलने के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।

इस पूरे आंदोलन के दौरान दिनेश सोनिश अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस खेतिया, आदित्य गोयल जिला अध्यक्ष युवक कांग्रेस, रामू पदमोर अध्यक्ष युवक कांग्रेस खेतिया, मोटा खेड़कर जिला अध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस, दिलीप राव शितोले, विवेक चौधरी विधानसभा अध्यक्ष पानसेमल, मयूर परमार विधानसभा उपाध्यक्ष पानसेमल, चंद्रप्रकाश शितोले जिला महासचिव युवक कांग्रेस, पीयूष चौधरी ब्लॉक अध्यक्ष युवक कांग्रेस पानसेमल, प्रहलाद राठौड़, विजय सोलंकी, संजय भोसले, अरविंद सोलंकी, किशोर पाटिल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!