बड़वानी में नाले से मिली नवजात ने इलाज के दौरान दम तोड़ा, पुलिस ने अज्ञात परिजनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया

बड़वानी; जिले के चिकलिया मलान गांव में नाले के पास मिली नवजात बच्ची की गुरुवार को जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बच्ची आठ महीने में प्रीमैच्योर जन्मी थी और उसका वजन सिर्फ 1 किलो 340 ग्राम बताया गया। इस मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना बुधवार रात उस समय सामने आई जब सिलावद गांव के कुमार सिंह चौहान हाट बाजार से लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें चिकलिया मलान के पटेल फलिया नाले की तरफ से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। नजदीक जाकर देखा तो एक नवजात बच्ची ठंड में नाले किनारे पड़ी हुई मिली।
कुमार सिंह ने तुरंत चिकलिया मलान के सहायक सचिव भाया चौहान को सूचना दी। जानकारी मिलते ही भाया चौहान के साथ समाजसेवी कैलाश सोलंकी, सलीम मंसूरी और अमजद मंसूरी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सिलावद पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। सभी ने मिलकर नवजात को सावधानी से उठाया और एक निजी वाहन से सिलावद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार तो किया, लेकिन बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी।
चिकित्सकों का कहना था कि उसकी स्थिति इतनी गंभीर थी कि जरा सी देरी भी नुकसानदायक हो सकती थी। इसी वजह से उसे तत्काल जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया। जिला अस्पताल में उपचार जारी रहा, लेकिन गुरुवार सुबह करीब चार बजे नवजात ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ नवजात को खुले स्थान पर छोड़ने के मामले में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में संवेदना और आश्चर्य का माहौल है। शहर कोतवाली थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह ने बताया कि मृत नवजात की पहचान अभी नहीं हो पाई है। नियमानुसार पहचान के प्रयास किए जाएंगे और उसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।



