सेंधवा में गुरु तेग बहादुर की शहादत को समर्पित प्रबोधन कार्यक्रम, छात्रों ने जाना बलिदान का संदेश

सेंधवा ; वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार गुरु तेग बहादुर के 350 वे शहीदी वर्ष पर प्रबोधन कार्यक्रम रखा गया । भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस अवसर पर डॉ राहुल सूर्यवंशी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर सिखों के नौवें गुरु के रूप में पुजे जाते हैं ।विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धान्त की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय है। श्री गुरु तेग बहादुर जी विश्व मे प्रभावशील गुरू है। उन्होंने मानव मे स्वाभिमान का अलख जगाने के लिए निरंतर भ्रमण किया ।वे आध्यात्मिक मार्गदर्शक के साथ साथ प्रेरणादाई कवि भी रहे हैं ।उन्होंने विद्यार्थियों से यही कहा कि गुरु तेग बहादुर जी से प्रेरणा लेना चाहिए कि किस प्रकार से स्वाभिमान एंव गौरव के साथ जिया जाए ।इस अवसर पर डॉ महेश बाविस्कर ने कहा धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए इनकी पीढीयों ने बलिदान दिया है इसी कारण यह शहीदी दिवस मनाया जा रहा है ।गुरुजी का बलिदान केवल धर्म पालन के लिए नहीं अपितु समस्त मानवीय सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए दिया था, हमें और युवाओं को भारतीय संस्कृति की रक्षा के प्रेरणा की इस ज्योत को अनंत काल तक जलाये रखना है ।इस अवसर पर डॉ विक्रम जाधव,प्रो संजय चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एंव एनसीसी कैडेट्स उपस्थित थे ।यह जानकारी डॉ विकास पंडित ने दी ।



