चाटली विद्यालय में मिट्टी परीक्षण कार्यक्रम, छात्रों ने सीखे उर्वरक प्रबंधन के तरीके
मिट्टी परीक्षण का प्रशिक्षण, छात्रों को बताया गया उर्वरक क्षमता बढ़ाने का विज्ञान

सेंधवा। मिट्टी परीक्षण से खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने और उत्पादन को कई गुना अधिक करने पर केंद्रित कार्यक्रम पीएमसी विद्यालय चाटली में आयोजित किया गया। आर के वी वाई सॉइल फर्टिलिटी एंड मैनेजमेंट योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालय के रूप में यह कार्यक्रम कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा सम्पन्न किया गया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए शिक्षक मनोज मराठे ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा खेतों में जाकर मिट्टी परीक्षण करवाया जा रहा है। इसके तहत खेतों की मिट्टी के नमूने लैब में भेजकर तत्वों की कमी का पता लगाया जाता है, ताकि मिट्टी को पोषक बनाया जा सके और फसल उत्पादन अधिक से अधिक बढ़ाया जाए। इस अवसर पर सहायक संचालित कृषि अधिकारी विक्रम रावत, बड़वानी ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि लगभग 8 से 10 इंच गहराई से मिट्टी ली जाती है और 5 से 6 स्थानों से मिट्टी एकत्र कर कंपोजिट सैंपल तैयार किया जाता है। इसके बाद बची मिट्टी को थैली में रखकर किसान का पत्र तैयार किया जाता है, जिसमें किसान का नाम, पिता का नाम, जाति, ग्राम, खसरा नंबर जैसी जानकारी भरी जाती है और इसे मिट्टी परीक्षा प्रयोगशाला में भेजा जाता है। जांच उपरांत कार्ड में उपलब्ध पोषक तत्व और आगामी फसल के लिए अनुशंसित उर्वरक मात्रा दर्ज की जाती है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अंकिता बर्डे ने बताया कि मिट्टी में जिंक, पोटैशियम और अन्य तत्वों की कमी को किस मात्रा में पूरा करना है, इसकी जानकारी कार्ड में दी जाती है।
तकनीकी प्रबंधक मुकेश गोस्वामी, कृषि विस्तार अधिकारी ने बताया कि विद्यालय से अलग-अलग गांवों के 50 विद्यार्थियों की टोली बनाकर उनके खेतों में जाकर मिट्टी एकत्रित करने की संपूर्ण प्रक्रिया सिखाई जा रही है, ताकि बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान मिले और वे अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण करवा सकें। क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी कैलाश जाधव भी इस अवसर पर उपस्थित थे। प्राचार्य शारदा जाधव के मार्गदर्शन में लगभग 200 विद्यार्थियों को खेत में ले जाकर मिट्टी परीक्षण की विधि समझाई गई। विद्यालय की मुख्य सचिव पूनम चौहान, छात्र गोतम पवार, मुन्ना डावर, भूरेलाल चौहान, तुषार मकवाने, अमर वास्कले, सुमीत कनोजे सहित अन्य विद्यार्थियों ने गेती-फावड़े की मदद से मिट्टी खोदकर संग्रहण की प्रक्रिया सीखी।
विद्यालय वरिष्ठ शिक्षक और मिट्टी परीक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी बंशीलाल नरगावे को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने विद्यालय के आसपास के गांव—बोरली, चाटली, सिलदड़, कुजरी, भैसदड़, भुरापानी—के अध्ययनरत विद्यार्थियों को दल का सदस्य बनाकर 50 बच्चों की समिति तैयार की है, जो समय-समय पर कृषि विस्तार अधिकारियों को अपने खेतों से मिट्टी उपलब्ध कराएंगे। इससे क्षेत्र की कृषि भूमि में मौजूद तत्वों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और भविष्य में कृषि उपज में वृद्धि होगी। प्राचार्य शारदा जाधव ने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया



