सेंधवा; आदिवासी युवती को भगाने के आरोप, परिजन और संगठन थाने पहुंचे, धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप, कार्रवाई की मांग की
युवती बालिग, वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित; परिजनों और संगठनों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपा।

सेंधवा में एक युवक पर एक युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। परिजनों और संगठनों ने पुलिस को ज्ञापन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। युवती सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर में है और जांच जारी है।
सेंधवा में एक युवक पर आदिवासी युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसे ‘लव जिहाद’ में फंसाने का आरोप लगाया गया। शिकायत के बाद युवती के परिजन हिंदू और आदिवासी संगठनों के साथ शहर थाने पहुंचे, जहां उन्होंने एसडीओपी अजय वाघमारे और थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन को ज्ञापन सौंपा। परिजनों ने कहा कि युवती को बहकाकर ले जाया गया और इस पूरे मामले की गंभीर जांच की मांग की।
युवक पर ब्रेनवॉश और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप
परिजनों के अनुसार शहर में रहने वाला तोसीफ युवती को अपने साथ ले गया। आरोप है कि तोसीफ और उसका परिवार युवती का ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन और शादी का दबाव बना रहा है। परिजनों ने इसे संगठित प्रयास बताते हुए पुलिस से कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
संगठनों ने कार्रवाई की मांग रखी
इस दौरान भाजपा अजजा मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉ. रेलाश सेनानी ने घटना को गंभीर बताते हुए तोसीफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) के ब्लॉक अध्यक्ष राहुल सोलंकी ने ज्ञापन में एसटी-एससी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही उन्होंने युवती को नारी निकेतन भेजकर उसकी काउंसलिंग कराने पर भी जोर दिया।
युवती बालिग, वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित-पुलिस
थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि युवती बालिग है और उसे फिलहाल सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। पुलिस ने युवती से बातचीत की है और उसने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। थाना प्रभारी ने कहा कि यदि युवती जबरन धर्म परिवर्तन या शादी का दबाव होने की शिकायत करती है, तो पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी। वर्तमान में परिजनों और संगठनों द्वारा दिए गए ज्ञापन के आधार पर जांच चल रही है।
संभावित तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए शहर थाने में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई। चार थाना प्रभारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। एसडीओपी अजय वाघमारे और थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने परिजनों और संगठनों के प्रतिनिधियों से करीब एक घंटे तक चर्चा की, जिसके बाद माहौल शांत रहा और किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई।



