खरगोन: महाकाल ट्रेडर्स पर छापा, ग्राइंडर से यूरिया पीसने का खुलासा, 313 बोरी यूरिया जब्त, कंपनी सील
नीमरानी औद्योगिक क्षेत्र में ग्राइंडर से यूरिया पीसकर भरने की सूचना पर छापामार कार्रवाई, 313 बोरी जब्त और कंपनी सील।

खरगोन के नीमरानी औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से यूरिया को ग्राइंडर से पीसकर बोरी में भरने की शिकायत पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। मौके से 313 बोरी यूरिया जब्त कर कंपनी सील की गई। गोदाम से बिना पहचान वाले 400 बोरों का स्टॉक भी मिला।
खरगोन जिले के नीमरानी औद्योगिक क्षेत्र में महाकाल ट्रेडर्स कंपनी में ग्राइंडर मशीनों से यूरिया को पीसकर बोरियों में भरा जा रहा था। कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए 313 बोरी यूरिया जब्त किया और कंपनी को सील कर दिया। प्रदेश में यूरिया संकट के बीच यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी।
शुक्रवार दोपहर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के सदस्यों को एक मेटाडोर से कंपनी में यूरिया लाए जाने की सूचना मिली। भारतीय राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के संजय पाटीदार और अन्य सदस्यों ने कृषि विभाग और पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे।
313 बोरी जब्त, पंचनामा तैयार
कसरावद के सीनियर कृषि विस्तार अधिकारी बीएस सेंगर ने स्थल पर पंचनामा बनाकर 313 बोरी यूरिया जब्त किया और पुलिस को सौंप दिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि यूरिया को पीसकर आगे बेचने की तैयारी की जा रही थी। मौके पर कंपनी का कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था।
400 बोरियों का संदिग्ध स्टॉक भी मिला
अधिकारियों ने बताया कि मेटाडोर में नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड का यूरिया लाया गया था, जिसमें से 268 बोरी खाली की जा चुकी थीं। वाहन में 45 बोरी यूरिया और मिलीं, जिनमें 2 बोरी कटी हुई थीं। इसके अलावा 400 बोरी का एक स्टॉक भी मिला, जिस पर कंपनी नाम, पता या बैच नंबर दर्ज नहीं था।
लाइसेंस नहीं, धोखाधड़ी का मामला दर्ज
कृषि विभाग के अनुसार, महाकाल ट्रेडर्स के पास यूरिया बेचने का लाइसेंस नहीं है। पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि खाद मनावर क्षेत्र से लाया गया था। मामला धोखाधड़ी का पाया गया, जिसके बाद मेटाडोर पुलिस को सौंपा गया, कंपनी सील की गई और एफआईआर दर्ज कराई गई। जिम्मेदार अधिकारियों और सुपरवाइजर को नोटिस भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।



