सेंधवा: अतिथि शिक्षकों ने मानदेय भुगतान को लेकर सौंपे ज्ञापन
कई महीनों का मानदेय रुका, शिक्षकों ने संकुल प्राचार्यों को ज्ञापन सौंपकर तत्काल भुगतान की मांग उठाई।

सेंधवा ब्लॉक में अतिथि शिक्षकों ने रुके हुए मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर विभिन्न संकुलों में ज्ञापन सौंपे। शिक्षकों का कहना है कि कई महीनों से वेतन जारी न होने से आर्थिक संकट बढ़ा है। भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
सेंधवा ब्लॉक के अतिथि शिक्षकों ने गुरुवार को अपने रुके हुए मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर ब्लॉक के विभिन्न संकुलों में ज्ञापन सौंपे। ये ज्ञापन विकासखंड शिक्षा अधिकारी के नाम संकुल प्राचार्यों को दिए गए। आजाद अतिथि शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष शंभू वलोके ने बताया कि चाचरिया संकुल में कार्यरत कुछ अतिथि शिक्षकों को पिछले सत्र के कुछ महीनों का मानदेय अब तक प्राप्त नहीं हुआ है।
जुलाई, अक्टूबर और नवंबर माह का वेतन लंबित
अतिथि शिक्षकों ने बताया कि ब्लॉक के सभी संकुलों में इस सत्र के जुलाई, अक्टूबर और नवंबर माह का मानदेय अभी तक जारी नहीं किया गया है। वलोके ने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार अन्य जिलों में भुगतान हो चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि खरगोन जिले के काबरी संकुल में जुलाई माह का मानदेय मिल चुका है, जबकि बड़वानी जिले में जुलाई के भुगतान के लिए राशि आवंटित नहीं की गई है।
आंदोलन की चेतावनी
वलोके ने इसे सरकार की दोहरी नीति बताते हुए बड़वानी जिले में अतिथि शिक्षकों के शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर रुका हुआ और वर्तमान तक का मानदेय जारी नहीं किया गया, तो अतिथि शिक्षक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने आंदोलन और धरना देने के लिए बाध्य होंगे।
आर्थिक परेशानियां
अतिथि शिक्षक दिनेश डुडवे, जितेंद्र सेनानी, शीतल मालवीया सहित अन्य शिक्षकों ने बताया कि वे अल्प मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं मिलता, जिससे आर्थिक संकट गहराता है। उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों में शिक्षण का अधिकांश भार अतिथि शिक्षकों पर ही है।
गुरुवार को धनोरा, मालवन, झिरिजामली, धवली और चाचरिया सहित सेंधवा ब्लॉक के अन्य संकुलों में भी अतिथि शिक्षकों ने मानदेय भुगतान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे।



