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सेंधवा; 33वां आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन 13-15 जनवरी को चैनपुरा में आयोजित होगा, पदाधिकारियों ने अजजा राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्य से की मुलाकात

आदिवासी एकता परिषद तीन दशकों से सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित महासम्मेलन का आयोजन कर रही है।

आदिवासी एकता परिषद द्वारा 33वां आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन 13 से 15 जनवरी 2026 तक चैनपुरा, नेपानगर में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में संस्कृति, परंपरा, अस्मिता और स्वशासन के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

 सेंधवा। आदिवासी एकता परिषद पिछले 33 वर्षों से 13, 14 और 15 जनवरी को आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन का आयोजन करती आ रही है। परिषद आदिवासी अस्तित्व, ज्ञान, संस्कृति, कला, हुनर, पहचान, एकता, अस्मिता, इतिहास, परंपरा, पर्यावरण सुरक्षा, सरलता, संवेदनशीलता, सामूहिकता, सहअस्तित्व, स्वाभिमान, स्वावलंबन और आत्मसम्मान जैसे मूल्यों पर केंद्रित वैचारिक आंदोलन चला रही है। इस वर्ष सम्मेलन का आयोजन ग्राम चैनपुरा, तहसील नेपानगर, जिला बुरहानपुर में किया जा रहा है। महासम्मेलन को लेकर अध्यक्ष बिलोरसिंग जमरे, कोषाध्यक्ष तारासिंग डावर, राजेश कनौजे, गेंदराम डावर, दुरसिंग सिंगोरिया, गुमान पटेल, मगन सोलंकी, चंदर नरगावे, बीयान भाई ने सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति आयोग अंतर सिंह आर्य से भी मुलाकात कर सम्मेलन की रूपरेखा और विषय पर संवाद किया गया।

 इस वर्ष की थीम—भारतीय संविधान एवं आदिवासी स्वशासन

आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन हर वर्ष समय, परिस्थितियों और सामाजिक संघर्षों को ध्यान में रखते हुए पश्चिम भारत के विभिन्न राज्यों में आयोजित होता है। इस बार सम्मेलन की मुख्य थीम भारतीय संविधान एवं आदिवासी स्वशासन तय की गई है। आयोजन स्थलों के चयन के माध्यम से परिषद आदिवासी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता और एकता बढ़ाने का उद्देश्य रखती है।

 

 

 

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