पिपरानी छात्रावास के 40 छात्र शिकायत लेकर कलेक्टर से मिलने निकले, प्रशासन ने रास्ते में रोककर समझाया बच्चे लौटे वापस
पिपरानी छात्रावास के छात्रों ने दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और भोजन मेन्यू के पालन न होने की शिकायतें प्रशासन के सामने रखीं।

पिपरानी छात्रावास के लगभग 40 छात्र अधीक्षक और चपरासी के व्यवहार तथा भोजन संबंधी समस्याओं की शिकायत लेकर पैदल कलेक्टर से मिलने निकले। प्रशासन ने पानसेमल पहुंचने से पहले उन्हें रोककर समस्याएं सुनीं और जांच का आश्वासन दिया।
पानसेमल। शंकर शिरसाठ। पानसेमल विकासखंड के पिपरानी छात्रावास आश्रम के लगभग 40 छात्र शनिवार को अधीक्षक और चपरासी की शिकायत लेकर कलेक्टर से मिलने पैदल निकल पड़े। बच्चे लगभग 6 किलोमीटर चलकर पानसेमल के खड़की रोड पहुंचे, तभी प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। छात्रों का कहना है कि अधीक्षक और चपरासी उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं और मेन्यू के अनुरूप भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता। बच्चों की मंशा कलेक्टर से सीधे बातचीत कर अपनी समस्या बताने की थी।
बच्चों ने दुर्व्यवहार, अभद्र भाषा और भोजन की कमी के आरोप लगाए
इसी दौरान एक अन्य दिन छात्रों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर पैदल निकलकर पुनः शिकायत दर्ज कराने की बात कही। बच्चों ने आरोप लगाया कि चपरासी और अधीक्षक न केवल दुर्व्यवहार करते हैं बल्कि अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और गाली-गलौज भी करते हैं। बच्चों के अनुसार भरपेट भोजन और नाश्ता न मिलने से उनकी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। सुविधाओं की मांग करने पर उन्हें धमकाए जाने का भी आरोप लगाया गया।

अधिकारियों का हस्तक्षेप, बच्चे लौटे वापस
घटना की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार, पानसेमल राजाराम रानडे मौके पर पहुंचे और बच्चों से बातचीत की। उन्होंने शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसी क्रम में बच्चों को नाश्ता और पानी उपलब्ध कराया गया तथा दो वाहनों के माध्यम से छात्रावास वापस भेजा गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं और जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया ने बताया कि तहसीलदार को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने छात्रों की बातें सुनीं। बच्चों ने वार्डन द्वारा अपशब्द कहे जाने और भोजन संबंधी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने कहा कि छात्रों को समझाकर वापस भेज दिया गया है। तहसीलदार मामले की विस्तृत जांच करेंगे और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



