बिजासन घाट पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं के नियंत्रण हेतु राज्यसभा सांसद डॉ सुमेर सिंह सोलंकी की पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमाओं को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग–52 पर स्थित बिजासन घाट क्षेत्र में लगातार हो रही भयावह सड़क दुर्घटनाओं के गंभीर मुद्दे पर राज्यसभा सांसद डॉ सुमेर सिंह सोलंकी द्वारा केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किए जाने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सक्रिय हुआ है।
डॉ सोलंकी ने यह मुद्दा 10 दिसंबर 2025 को राज्यसभा के शून्यकाल में उठाते हुए बताया था कि विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित बिजासन घाट वर्षों से एक संवेदनशील दुर्घटना–प्रवण क्षेत्र बना हुआ है, जहां एक ही खंड पर लगभग 90 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। बिजासन घाट बड़वानी जिले के सेंधवा से लगा हुआ है। अनेक नागरिकों की जान गई है, दर्जनों परिवार उजड़ चुके हैं और अक्सर 24 घंटे तक जाम की स्थिति से यातायात पूर्णतः बाधित रहता है। सांसद ने सदन में कहा था कि ऐसे मामले केवल मानवीय त्रुटि नहीं बल्कि सड़क संरचना में तकनीकी विकृतियों और सुरक्षा मानकों की अपर्याप्तताओं की ओर संकेत करते हैं। उन्होंने इस मुद्दे को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की थी।
संसद में उठाए गए इस जनमहत्वपूर्ण विषय के क्रम में आज सांसद डॉ सोलंकी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से मंत्रालय में भेंट कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हाल ही में हुई दुर्घटनाओं के विस्तृत आंकड़े, सामाजिक और आर्थिक क्षति का आकलन तथा भविष्य में व्यापक तकनीकी सुधार हेतु ठोस सुझाव प्रस्तुत किए गए।
मंत्री श्री नितिन गडकरी ने इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ करने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक के दौरान मंत्री ने यह भी अवगत कराया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और इसी नीति के अंतर्गत इंदौर–बिजासन–महाराष्ट्र सीमा खंड पर 4 लेन को 6 लेन में विस्तारित करने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
डॉ सोलंकी ने कहा कि केंद्र सरकार की यह त्वरित प्रतिक्रिया प्रदेश के लाखों नागरिकों और यात्रियों के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का परिचायक है। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि इससे पूर्व गणेश घाट पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं का मुद्दा जब उन्होंने राज्यसभा में उठाया था, तब केंद्र सरकार ने शीघ्र संज्ञान लेकर 107 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़क का निर्माण कराया, जिसके बाद आज तक वहां एक भी दुर्घटना नहीं हुई है।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में भारत सड़क सुरक्षा और आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। बिजासन घाट पर शुरू की जा रही सुधारात्मक प्रक्रिया मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों की जनता के लिए एक बड़ी राहत सिद्ध होगी और इस क्षेत्र के सामाजिक–आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।



