बड़वानी: जेल में बंद कैदी की तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने उठाए सवाल
हत्या के प्रयास के मामले में बंद कैदी की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान जिला अस्पताल में हुई मौत

बड़वानी जिला जेल में बंद एक कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर समय पर जानकारी नहीं देने और लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। वहीं जेल प्रशासन ने प्राथमिक उपचार और तत्काल रेफर करने की बात कही है।
बड़वानी जिला जेल में हत्या के प्रयास के मामले में बंद कैदी दीपक दयला, अलीराजपुर जिले का निवासी था और लगभग एक वर्ष से जेल में निरुद्ध था। शनिवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर जेल प्रशासन द्वारा उसे जिला अस्पताल बड़वानी में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और मामले को लेकर आपत्ति जताई।
परिजनों के आरोप, समय पर सूचना नहीं देने का दावा
मृतक की बहन और अन्य परिजनों का कहना है कि दीपक पूरी तरह स्वस्थ था और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 11 बजे उसकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली, लेकिन खेत में काम होने के कारण तत्काल संपर्क नहीं हो सका। दोपहर करीब तीन बजे जब बात हुई, तब दीपक जिला अस्पताल में भर्ती था। परिजनों ने जेल प्रशासन पर समय पर सूचना नहीं देने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
जेल प्रशासन ने रखा पक्ष
इस पूरे मामले में बड़वानी जिला जेल अधीक्षक शेफाली तिवारी ने बताया कि कैदी दीपक को अचानक सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई थी। जेल चिकित्सक द्वारा प्राथमिक जांच के बाद उसे तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। अस्पताल में उसकी सोनोग्राफी सहित अन्य आवश्यक जांचें कराई गईं और इलाज जारी रखा गया।
इलाज के दौरान हुई मौत
जेल अधीक्षक के अनुसार, गुरुवार को जेल का कंपाउंडर जिला अस्पताल पहुंचा था। उसी दौरान कैदी ने फिर से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की। डॉक्टरों को तुरंत सूचित किया गया और ऑक्सीजन मास्क लगाने की तैयारी की जा रही थी, तभी उसकी मृत्यु हो गई। शेफाली तिवारी ने यह भी बताया कि कैदी को पहले से खांसी और कफ की शिकायत थी, जिसके लिए उसे नियमित रूप से दवाइयां दी जा रही थीं।



