सेंधवा; महाविद्यालय में रामानुजन जयंती पर राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया

सेंधवा। वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा में सोमवार को श्री रामानुजन की जयंती पर राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया गया । संचालन करते हुए डॉ राहुल सूर्यवंशी ने कहा कि राष्ट्रीय गणित दिवस का यह दिन गणित के क्षेत्र में असाधारण प्रतिभाओं को याद करने का हमें अवसर देता है ।इसका उद्देश्य गणित के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना और विद्यार्थियों को गणित विषय में करियर बनाने के उत्साहित करना है । गणित विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ संतोषी अलावा ने कहा रामानुजन को आधुनिक काल के महान गणित विचारकों में गिना जाता है । उन्होंने अपने जीवन-काल में गणित के विश्लेषण एंव संख्या सिद्धांत के क्षेत्रों में गहन योगदान दिया । बचपन से ही उन्हें गणित से प्रेम था ।कम उम्र में ही गणित विषय में ऐतिहासिक कार्य करने शुरू कर दिये थे ।महज 12 साल में ही उन्होंने त्रिकोणमिति में महारत हासिल कर ली थी ।वहीं उन्होंने बिना किसी सहायता के अपने दम पर की कई प्रमेय बना डाली ।प्रो संजय चौहान ने कहा कि रामानुजन गणित में विलक्षण प्रतिभा के धनी थे । उन्होंने रामानुजन के गणित से जुड़े कई किस्से सुनाए ।उनके द्वारा दिए कई सिद्धांत का हल आज भी चुनौती बना हुई है । डॉ दिनेश कनाडे ने कहा मात्र 32 वर्ष की उम्र में रायल सोसाइटी इंग्लैंड में नामिनेट फैलो बनना उनकी गणित विषय संबंधी अद्वितीय
प्रतिभा की जीवंत मिसाल है ।
प्रो जितेन्द्र सूर्यवंशी ने कहा उनकी जीवन परिचय जानने से ऐसा लगता है कि गणित भाषा वह जन्म से ही सिखकर आए थे । उन्होंने कहा चाहे पुराने मंदिरों का निर्माण का संबंध हो या एआई जिसकी आज चौतरफा चर्चा है सभी की गणना में गणित ही का इस्तेमाल होता है ।आभार डॉ महेश बाविस्कर ने माना । वर्तमान समय में गणित विषय को लेकर बड़ी चुनौती यह है विद्यार्थी अब मामुली गणनाओं के लिए भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं । जिससे न सिर्फ उनका बुनियादी कौशल कमजोर हो रहा है बल्कि उनके प्रदर्शन और विषय में उनकी भागीदारी भी प्रभावित हो रही है ।यह कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा एवं गणित विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया ।इस अवसर पर डॉ यशोदा चौहान,डॉ जितेन्द्र साईखेडिया, डॉ कलीराम पाटिल,प्रो संतोष पटेल ,प्रो इरशाद मंसुरी सहित विद्यार्थी उपस्थित थे ।



