इंदौर में पीएम मुद्रा योजना के नाम पर साइबर ठगी, 5.18 लाख की ठगी,
लसूडिया थाना क्षेत्र में फर्जी कॉल और लिंक के जरिए प्रोसेसिंग फीस व चार्ज के नाम पर रकम वसूली

इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में सरकारी योजना का नाम लेकर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। फर्जी कॉल और ऑनलाइन लिंक के जरिए प्रोसेसिंग फीस, टैक्स व अन्य चार्ज के बहाने कई ट्रांजैक्शन कर लाखों रुपये वसूले गए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर साइबर ठगी का प्रकरण सामने आया है। ठगों ने आरओ प्लांट के लिए जमा किए गए दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए कारोबारी से बड़ी राशि ऐंठ ली। शिकायत के बाद मामला क्राइम ब्रांच तक पहुंचा, जहां वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, पीड़ित लोकेन्द्र सिंह तोमर, जो आरओ प्लांट से जुड़ा व्यवसाय करते हैं, ने 24 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई। मामले में कॉल करने वाले आरोपी और बैंक खाते के धारक के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
ठगी का तरीका
लोकेन्द्र तोमर का एसबीआई में खाता है। उन्होंने पीएम मुद्रा योजना के तहत पानी के प्लांट के लिए गुरुकृपा आरओ वाटर के नाम से पीएनबी बैंक में लोन से जुड़े दस्तावेज जमा किए थे। 4 दिसंबर को पंकज भदौरिया का फोन आया, जिसने खुद को पीएम मुद्रा लोन विभाग का कर्मचारी बताया और दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवाए। अगले दिन जियो पेमेंट बैंक की लिंक भेजकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 8,800 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद चार्ज, टैक्स और फाइल क्लियरेंस के बहाने अलग-अलग मदों में रकम मांगी जाती रही।
18 ट्रांजैक्शन में निकली राशि
6 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच करीब 18 ट्रांजैक्शन कराए गए। यह रकम लोकेन्द्र और उनकी पत्नी के खातों समेत अलग-अलग खातों से ट्रांसफर कराई गई। कुल मिलाकर 5 लाख 18 हजार रुपये से अधिक की राशि ठगों ने वसूल ली।
पुलिस कॉल डिटेल, बैंक खातों और नेटवर्क की जांच कर रही
रिश्तेदारों से चर्चा के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद साइबर सेल और पुलिस को जानकारी दी गई। साइबर सेल में शिकायत पहुंचने पर एडिशनल एसपी के निर्देश से लसूडिया थाने में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस कॉल डिटेल, बैंक खातों और नेटवर्क की जांच कर रही है।



