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बड़वानी; कलेक्ट्रेट पहुंचे आशा कार्यकर्ता, मानसिक प्रताड़ना का मामला उठाया

ठीकरी ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं ने 14 सूत्रीय मांगों के साथ स्वास्थ्य अधिकारी को दी शिकायत

जनोदय पंच | बड़वानी। ठीकरी ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यस्थल पर अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। वाउचर स्वीकार न करने, भुगतान में देरी और अपमानजनक भाषा के कारण कामकाज प्रभावित होने की बात कही गई।



ठीकरी ब्लॉक की आशा कार्यकर्ता और सुपरवाइजरों ने जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र गुप्ता को 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन देते हुए बीपीएम रंजना मुकाती पर अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि लंबे समय से कार्यस्थल का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और आजीविका प्रभावित हो रही है।

वाउचर स्वीकार न करने का आरोप

आशा सुपरवाइजर रेखा बागेश्वर ने बताया कि वे हर माह आशा कार्यकर्ताओं से जुड़े वाउचर बीएमओ कार्यालय, ठीकरी ब्लॉक में जमा करने जाती हैं। आरोप है कि बीपीएम रंजना मुकाती द्वारा वाउचर स्वीकार नहीं किए जाते, जबकि इन्हीं वाउचर के आधार पर शासन से मानदेय का भुगतान होता है। वाउचर नहीं लेने के कारण आशा कार्यकर्ताओं को समय पर मानदेय नहीं मिल पा रहा है।

अपमान और मानसिक दबाव का आरोप

कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले छह महीनों से उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा है। बीपीएम द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि बीमार होने पर एक दिन की छुट्टी लेने पर भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। रेखा बागेश्वर ने बताया कि लगातार प्रताड़ना के चलते उन्होंने आत्महत्या का प्रयास तक किया।

भुगतान और प्रोत्साहन राशि की समस्या

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नियमानुसार हर महीने की 22 तारीख तक जमा होने वाले आशा वाउचर 30 दिसंबर 2025 तक भी जमा नहीं करने दिए गए। इसके चलते भुगतान लंबित है। इसके अलावा, गांव में डिलीवरी केस लाने पर संबंधित रसीद नहीं दी जाती, जिससे प्रोत्साहन राशि का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में बीपीएम रंजना मुकाती या स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


 

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