प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में होने वाले रेलवे संसदीय अध्ययन दौरे में शामिल होंगे राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी

लोकसभा सचिवालय के अंतर्गत रेलवे संबंधी स्थायी समिति (2025-26) का एक महत्वपूर्ण अध्ययन दौरा 2 जनवरी 2026 से 7 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस अध्ययन दौरे में राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी समिति सदस्य के रूप में सम्मिलित रहेंगे। यह दौरा देश के विभिन्न प्रमुख रेलवे और लॉजिस्टिक केंद्रों का प्रत्यक्ष अध्ययन करने तथा भारतीय रेल के विकास, विस्तार और आधुनिकीकरण से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
अध्ययन दौरे का शुभारंभ 2 जनवरी 2026 को पुरी में होगा, जहां समिति के सदस्य ईस्ट कोस्ट रेलवे, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन, इंडियन रेलवे फाइनेंस से जुड़ी संस्थाओं तथा पोर्ट अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अनौपचारिक चर्चाओं के माध्यम से रेलवे आधारित पर्यटन, रेलवे सार्वजनिक उपक्रमों की भूमिका और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्कों के विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद 3 जनवरी को भुवनेश्वर में कैरिज रिपेयर वर्कशॉप का निरीक्षण कर समिति विशाखापत्तनम के लिए प्रस्थान करेगी।
विशाखापत्तनम में 3 और 4 जनवरी को समिति द्वारा रेलवे माल परिवहन, फ्रेट बास्केट के विविधीकरण तथा बंदरगाहों के साथ रेलवे के समन्वय पर संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी। 5 जनवरी को विशाखापत्तनम पोर्ट के अध्ययन उपरांत समिति चेन्नई पहुंचेगी, जहां दक्षिण रेलवे, राइट्स, आरवीएनएल और रेलटेल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेलवे परियोजनाओं की वित्तीय स्थिति, विस्तार और उन्नयन से जुड़े विषयों पर संवाद होगा।
6 जनवरी 2026 को चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के निरीक्षण के माध्यम से भारतीय रेल के रोलिंग स्टॉक के आधुनिकीकरण और उन्नयन की प्रगति का अध्ययन किया जाएगा। इसके पश्चात समिति मदुरै के लिए प्रस्थान करेगी। 7 जनवरी को मदुरै रेलवे स्टेशन और रामेश्वरम के पम्बन रेलवे ब्रिज का निरीक्षण कर समिति द्वारा रेलवे अवसंरचना, कनेक्टिविटी और रखरखाव से जुड़े विषयों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जाएगा, जिसके बाद अध्ययन दौरे का समापन होगा।
यह अध्ययन दौरा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल को आधुनिक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक सशक्त करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान प्राप्त अनुभव और सुझाव संसद में नीतिगत विमर्श को दिशा देने में सहायक सिद्ध होंगे। राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की सहभागिता से आदिवासी एवं क्षेत्रीय दृष्टिकोण से जुड़े मुद्दों को भी समिति के समक्ष प्रभावी रूप से रखा जाएगा।



