बड़वानी के नर्मदा तटीय गांवों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर निकली पंच कोशी यात्रा

जनोदय पंच | बड़वानी बड़वानी जिले में नर्मदा समग्र न्यास द्वारा दो दिवसीय पर्यावरण पंच कोशी यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान नर्मदा तटीय गांवों में चौपालें आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती के महत्व पर जानकारी दी गई।
पर्यावरण संतुलन का संदेश
नर्मदा समग्र न्यास द्वारा प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी सुनियोजित ढंग से पर्यावरण पंच कोशी यात्रा निकाली गई। नर्मदा समग्र न्यास के अनुभाग समन्वयक राजेन्द्र सस्त्या ने ग्राम चौपालों में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि असंतुलित होता पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट बन सकता है। यदि भावी पीढ़ी को दीर्घकाल तक निरोगी रखना है तो फलदार और दीर्घायु पौधों का रोपण कर उनका संरक्षण व संवर्धन करना आवश्यक है।

वृक्षारोपण और स्वच्छता पर जोर
राजेन्द्र सस्त्या ने कहा कि आज लगाए गए पौधे भविष्य में फलदार वृक्ष बनकर राहगीरों को छाया देंगे, पशु-पक्षियों के लिए आहार बनेंगे और पर्याप्त मात्रा में शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करेंगे। इससे पर्यावरण संतुलन के साथ वन उपज के रूप में आर्थिक सहयोग भी मिलेगा। उन्होंने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जल ही जीवन है, जल है तो कल है। मां नर्मदा के तटों, जल स्रोतों और घरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि गंदगी से मच्छर पनपते हैं और घातक बीमारियां फैलती हैं।
प्राकृतिक खेती और सेवा प्रकल्प
उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद से उपजाए गए अन्न के सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटती है, जबकि प्राकृतिक खेती से प्राप्त अन्न स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। नर्मदा समग्र न्यास द्वारा परिक्रमा वासियों की सेवा के लिए तटीय गांवों में सेवा प्रकल्प और अन्न क्षेत्र का संचालन किया जा रहा है। यात्रा के दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, घाट सफाई, परिक्रमा वासियों की सेवा, हरियाली चुनरी अंतर्गत पौधारोपण और प्राकृतिक खेती जैसे चार प्रमुख आयामों की जानकारी दी गई।

यात्रा का मार्ग और सहभागिता
नर्मदा समग्र पर्यावरण पंच कोशी यात्रा कुली से प्रारंभ होकर सुलपानी झड़ी के दुर्गम पहाड़ों से होते हुए घोंघसा स्थित श्री श्री 108 लखनगरी महाराज के आश्रम में द्वितीय दिवस पर संपन्न हुई। यात्रा में मिथुन यादव, कृष्णा गोले, अमित उपाध्यक्ष, शंकर कुशवाह, गजेंद्र सोनाने, आर आर प्रिंस राठौर, दीपक जेमन, भगवती प्रसाद सोनी, राहुल शर्मा, राजा सोलंकी, दिनेश मेहरा, गिरीश गोस्वामी, संदीप शर्मा (बुहारी), प्रवीण पांडे, राजेंद्र सेतिया, प्रतीक मालवीय सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।



