सेंधवा; संस्कृति, प्रकृति, संविधान और लोकतंत्र संरक्षण यात्रा का चौथा चरण 5 जनवरी से
आदिवासी समाज सहित व्यापक जनमानस में संवैधानिक और सांस्कृतिक चेतना का संदेश

जनोदय पंच। सेंधवा। संस्कृति, प्रकृति, संविधान एवं लोकतंत्र के संरक्षण तथा जनजागरण के उद्देश्य से संचालित अनवरत यात्रा का चौथा चरण 5 जनवरी 2026 से प्रारंभ होने जा रहा है। यह यात्रा आदिवासी समाज सहित व्यापक जनमानस में संवैधानिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना एवं लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर बड़वानी विधायक राजन मंडलोई की विशेष उपस्थिति प्रस्तावित है। वे यात्रा को शुभकामनाएं प्रदान करेंगे और जनजागरण के संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
यह अनवरत यात्रा 13 जनवरी 2026 को आदिवासी एकता परिषद के 33वें आदिवासी सांस्कृतिक एकता महासम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सम्मिलित होगी। तीन दिवसीय महासम्मेलन 13, 14 एवं 15 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसका समापन चौनपुरा, तहसील नेपानगर, जिला बुरहानपुर, मध्य प्रदेश में होगा।
संकल्प और उद्देश्य
यह यात्रा पूर्व राज्य कर अधिकारी एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पोरलाल खर्ते के संकल्प से प्रारंभ की गई है। शासकीय सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने अपने शेष जीवन को संस्कृति, प्रकृति, संविधान एवं लोकतंत्र जैसे चार मूलभूत मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया। इसी उद्देश्य के साथ यह अनवरत जनजागरण यात्रा निरंतर संचालित की जा रही है।
यात्रा का मार्ग
यह यात्रा बड़वानी जिले के बड़वानी, सेंधवा और पानसेमल, खरगोन जिले के भगवानपुरा और भीकनगांव, तथा बुरहानपुर जिले के धुलकोट और नेपानगर क्षेत्रों के अनेक गांवों और शहरों से होकर गुजरेगी। यात्रा के माध्यम से स्थानीय जनता से संवाद स्थापित कर जनजागरण का संदेश दिया जाएगा। चौथे चरण में यह यात्रा चारपहिया और दुपहिया वाहनों के माध्यम से संचालित की जाएगी। यात्रा के दौरान प्रत्येक गांव और शहर में स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों की सहभागिता से स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यात्रा से संबंधित समस्त व्यवस्थाएं जनसहयोग से की जाएंगी। यह यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कृति, प्रकृति और संविधान की रक्षा का संकल्प है।



