सेंधवा: श्रीमद् भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्ति मार्ग पर जोर, छठे दिन कृष्ण लीलाओं का वर्णन
निंबार्काचार्य श्री श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य ने बताया भक्ति का सरल मार्ग

सेंधवा ; नगर की एक कॉलोनी में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। कथा में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के संदेश दिए गए। समापन पर धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे की तैयारी की गई है।
सेंधवा की झवर कॉलोनी में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन निंबार्काचार्य श्री श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य ने भावपूर्ण प्रवचन दिए। उन्होंने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व को विस्तार से समझाया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति रही और वातावरण भक्ति रस से सराबोर रहा।
कृष्ण लीलाओं और मानव जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश
छठे दिन की कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उद्धवदृगोपी संवाद, भक्त और भगवान के संबंध तथा मानव जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया। आचार्य श्री ने कहा कि भागवत कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि जीवन में उतारने योग्य दिव्य मार्गदर्शन है। निष्काम भाव से की गई भक्ति से जीवन के कष्ट स्वतः दूर होते हैं।
कलियुग में भक्ति को बताया सरल साधन
आचार्य श्री ने कहा कि कलियुग में भक्ति ही सबसे सरल साधन है। भगवान का स्मरण, नाम जप और सत्संग मनुष्य को मोक्ष की ओर ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि अहंकार, ईर्ष्या और लोभ से मुक्त होकर किया गया कर्म ही सच्चा धर्म है। कथा के दौरान भजन और कीर्तन से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

समापन पर होगा विशाल भंडारा
आयोजकों ने जानकारी दी कि कल कथा का अंतिम दिन होगा। समापन अवसर पर पूर्णाहुति, हवन और आरती के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
भागवत पोथी पूजन और आशीर्वाद
कथा आयोजन समिति एवं नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव ने नगरवासियों से अंतिम दिन अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धार्मिक लाभ लेने की अपील की है। छठे दिन नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, संजय यादव, जितेंद्र यादव, अरुण चौधरी, संजय यादव, गुजराती समाज से चेतन वासनी, चंद्रेश वासनी, राजेंद्र, बुद्धदेव, कीर्ति ठक्कर, भारत बुद्धदेव, शीतल बुद्धदेव, शीतल बुद्धदेव, पंकज बुद्धदेव ने भागवत पोथी का पूजन किया और श्री श्रीजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।



