इंदौर: 6 माह में गड्ढों में बदली करोड़ों की सड़क, अगली सुनवाई 2 फरवरी
बाकानेर घाट साइड बने वैकल्पिक मार्ग को लेकर जनहित याचिका, स्टेटस रिपोर्ट पर प्रत्युत्तर मांगा

इंदौर से मुंबई जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 पर बने वैकल्पिक मार्ग की स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई। केन्द्र शासन की स्टेटस रिपोर्ट पर प्रत्युत्तर के लिए अगली तिथि 2 फरवरी 2026 तय की गई।
इंदौर से मुंबई जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 3 पर दुर्घटनाओं के मद्देनजर बाकानेर घाट की साइड से 106 करोड़ रुपये की लागत से 8.8 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था। निर्माण के मात्र छह माह बाद ही यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई, जिसके बाद इस विषय में जनहित याचिका प्रस्तुत की गई।
हाईकोर्ट में सुनवाई
उक्त जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई। सुनवाई न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला, न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ द्वारा की गई। यह याचिका सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन द्वारा प्रस्तुत की गई थी।
केन्द्र शासन की स्टेटस रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान केन्द्र शासन की ओर से मुंबई के सीनियर एडवोकेट एम.व्ही. कीनी उपस्थित हुए। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सड़क का मरम्मत कार्य पूरा करवा दिया गया है। इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट 14 जनवरी 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी है।
अगली सुनवाई की तिथि
न्यायालय ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत को निर्देशित किया कि केन्द्र शासन द्वारा प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट का अवलोकन कर वस्तु स्थिति का प्रत्युत्तर आगामी सुनवाई तिथि 2 फरवरी 2026 के पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत करें।




