एनएसएस शिविर का गरिमामय समापन, श्रमदान से दिया सेवा और अनुशासन का संदेश

जनोदय पंच। सेंधवा। महाविद्यालय के एनएसएस शिविर का समापन समारोह उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। शिविर के अंतिम दिन प्रातःकाल स्वयंसेवकों द्वारा श्रमदान किया गया, जिसमें स्वच्छता अभियान एवं परिसर की साफ-सफाई कर सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश दिया गया।
श्रमदान के माध्यम से स्वयंसेवकों ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। समापन समारोह की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. एम.एल. अवाया ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों को जीवन में अनुशासन अपनाने पर विशेष बल दिया तथा कहा कि अनुशासन से ही व्यक्तित्व का समग्र विकास संभव है। उन्होंने शिविर की गतिविधियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को समाजसेवा से जुड़े रहने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि रेंजर मनीश मंडलोई ने छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए आत्मविश्वास एवं निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया।
महाविद्यालय के प्रोफेसर दिनेश कनाडे ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियाँ आती हैं, जिन्हें स्वीकार कर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने से ही सफलता प्राप्त होती है। प्रोफेसर संतोषी अलावा ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। वहीं क्रीड़ा अधिकारी श्री अविनाश चौहान ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करना चाहिए, तभी सफलता संभव है।
कार्यक्रम के दौरान एनएसएस अधिकारी प्रोफेसर मीतू मोतियानी एवं डॉ. साइंसिंग अवस्या की गरिमामयी उपस्थिति रही। समापन समारोह में सभी वरिष्ठ छात्रों रामेश्वर डुडवे, आकाश चौहान, उमेश डावर, संदीप नरगावे, जागीराम कटोले, महेश खरते, आशिराम जाधव, कुंदन चौहान, संगीता खोटे, भूरी सेनानी, सारिका किराड़े, ललिता ओछाले, कविता अहिरे की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अंत में आभार प्रदर्शन के साथ शिविर के समापन की घोषणा की गई। इस अवसर पर एनएसएस के सभी स्वयंसेवक एवं महाविद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे।



