खरगोन-बड़वानी

निवाली; आश्रम की छात्राओं ने खेलकूद और पारंपरिक कला में दिखाई प्रतिभा

निवाली; कस्तूरबा वनवासी कन्या आश्रम स्थित कस्तूरबा मिडिल स्कूल द्वारा संचालित नर्सरी परिसर में कस्तूरबा प्रायमरी स्कूल निवाली में बाल आनंद महोत्सव दिनांक 20 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तीन दिनी रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में आदिवासी छात्राओं ने खेलकूद, चित्रकला, हस्तकला व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को छात्राओं ने खेलकूद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कबड्डी, खो-खो, दौड़ व चेयर रेस जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया।
दूसरे दिन बुधवार को कला व रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें पेंटिंग, रंगोली व मिट्टी से विभिन्न आकृतियां बनाने की प्रतियोगिताएं संपत्र हुईं। ग्रामीण परिवेश से आने वाली आदिवासी छात्राओं ने मिट्टी से बर्तन, चूल्हे, खिलौने, गणेशजी की मूर्तियां, शिवलिंग सहित अनेक आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं। नर्सरी की कक्षा तीसरी एवं तलाव की कक्षा चौथी की छात्राओं ने करीब दो घंटे तक मेहनत कर मिट्टी से बने पात्रों को सुंदर स्वरूप दिया। इसी दौरान मेहंदी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने एक-दूसरे के हाथों पर विभिन्न कलात्मक डिजाइनों से मेहंदी रचाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सत्यनारायण गुप्ता, विशेष अतिथि योगेश कुमार ऐडेंट नई दिल्ली परियोजना प्रशासक , लखन पंडित प्रेस क्लब अध्यक्ष निवाली द्वारा छात्राओं के हुनर की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। विद्यालय प्रबंधन व संस्था के सदस्यों ने बच्चों के भीतर छिपी कला और कौशल को निखारने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।

छात्राओं ने मेहंदी बनाकर कल्पना से आकृतियां बनाई
तीसरे व अंतिम दिन गुरुवार को कक्षा तीसरी की छात्राएं अपनी पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में नृत्य, नाटक व मोनो एक्टिंग के माध्यम से प्रस्तुति देंगी। इस कार्यक्रम को देखने के लिए नगरवासी बड़ी संख्या में नर्सरी परिसर में पहुंचें। छोटी छोटी बालिकाओं ने बनाई मिट्टी से कलाकृति व मेहंदी
निवाली कस्तूरबा विद्यालय नर्सरी परिसर में बाल आनंद उत्सव का उद्देश्य बच्चों को खेल,कला,साहित्य,
संस्कृति व मनोरंजन से जोड़ना है अधीक्षिका बेनु अचाले के द्वारा बताया गया कि उक्त आयोजन पुष्पा सिन्हा व कलावती किराड़े संचालिका कस्तूरबा कन्या आश्रम के मार्गदर्शन व प्रधान पाठक बापुराव कापूरे के सहयोग से किया गया जिसमें छोटी छोटी बालिकाओं द्वारा अपनी कल्पना के बल पर मिट्टी से तरह तरह की आकृतियां बनाई साथ ही बालिकाओं द्वारा मेहंदी से हाथों पर आकृतियां बनाई साथ ही बताया कि यह बाल आनंद उत्सव तीन दिवसीय है जिसमे खेल सहित सांस्कृतिक गतिविधियां की जा रही हैं उक्त आयोजन के दौरान राजा शर्मा ,मोनिका धनगर, हेंदल्या डुडवे, अनिल भाई सहित आश्रम का स्टॉफ व विद्यालय की बालिकाएं उपस्थित रही।

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