सेंधवा; महाविद्यालय में बसंत पंचमी और सुभाषचन्द्र बोस जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई

सेंधवा; वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा में शुक्रवार को बसंत पंचमी एवं सुभाषचन्द्र बोस की जयंती का कार्यक्रम उत्साहपूर्वक बनाया गया । इस अवसर पर संचालन करते हुए डॉ राहुल सूर्यवंशी ने कहा बसंत पंचमी का यह उत्सव सर्दियों की सुस्ती और ठंड के बाद यह बदलाव हमारे अंदर भी एक नई उर्जा का संचार करने वाला है । आज की पीढ़ी अपनी व्यस्तता के चलते बदलती ऋतुओं का आभास नहीं कर पा रही है ।
नए फुल ,नई पत्तियां, पक्षियों की चहचहाहट ये सब उनके अनुभव से दूर होते जा रहे हैं । लेकिन बसंत केवल बाहरी दृश्य तक सीमित नहीं है, यह मन की अनुभूति भी है अगर आप अपने मन को एकाग्रता पूर्वक सकारात्मक बना लेते हो तो हर परिस्थिति में बसंत का अनुभव कर सकते हो ।प्रो जितेन्द्र सूर्यवंशी ने कहा कि आज का दिन ज्ञान ,कला और संगीत का की देवी सरस्वती की अराधना का पर्व है । उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सृष्टि का यूंही लगातार चलते रहना यह दर्शाता है कि इसके पीछे कोई न कोई शक्ति कार्य रही है । यदि आपका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है तो आपको मां सरस्वती की साधना करनी चाहिए क्योंकि उस शक्ति की साधना से ही ज्ञान अर्जित होगा और आज का दिन सबसे अनुकूल है नई विधा आरंभ का ।इस अवसर पर प्रो. परमसिंग बरडे ने कहा ज्ञान अर्जित करने के जुनून होना चाहिए और उसके जिज्ञासु बनना होगा ।आप ऐसी शिक्षा ग्रहण करें तो आपके गांव से लेकर देश में आपका नाम रोशन होगा । सुभाषचन्द्र बोस की जयंती पर बोलते हुए विद्यार्थी वरुण प्रजापति ने सुभाषचन्द्र बोस ने युवाओं को इस बात के प्रेरित किया कि जाति , धर्म,पंथ आदि से उपर उठकर पहले अपना राष्ट्र है और आजादी हमारा हक ।

इस अवसर पर विद्यार्थी चेतन चौहान ने भी विचार रखते हुवे कहा कि बोस के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है ।आभार प्रदर्शन करते हुए प्रो संजय चौहान ने कहा कि सुभाषचन्द्र बोस को सरकार ने पराक्रम दिवस घोषित किया है जो उनके अदम्य साहस और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को सम्मानित करता है ।इस अवसर पर प्रो विष्णु निकुम ,प्रो बलराम डूडवे,प्रो भरत जामोद सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे ।



