सेंधवा में मातृशक्ति महिला मंडल ने धूमधाम से मनाया बसंत उत्सव, रक्तदान भी किया
सेंधवा में ज्ञान, कला और संगीत की साधना, मातृशक्ति मंडल ने किया सरस्वती पूजन

सेंधवा में मातृशक्ति महिला मंडल द्वारा शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मां सरस्वती का पूजन, स्तुति और विचार अभिव्यक्ति हुई। पीले वस्त्रों में सजे सदस्यों की सहभागिता से आयोजन भक्तिमय बना।
सेंधवा। मातृशक्ति महिला मंडल के द्वारा शुक्रवार को बुद्धि, कला और संगीत की देवी माता सरस्वती के प्रकट उत्सव का पर्व बसंत उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंडल के सभी सदस्यों ने माता सरस्वती की फोटो पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। इसके पश्चात सदस्यों द्वारा माता सरस्वती की स्तुति प्रस्तुत की गई।
बसंत पंचमी के महत्व पर विचार अभिव्यक्ति
मंडल की अंतिम बाला शर्मा ने बसंत पंचमी के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज से ही बसंत ऋतु का आगमन होता है। यह पर्व प्रकृति में परिवर्तन का पर्व है, जिसका हमारे जीवन पर भी प्रभाव पड़ता है। यह हमें सकारात्मक दिशा की ओर ले जाता है और मन-मस्तिष्क में नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रंथों में बसंत पंचमी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। बुद्धि, ज्ञान, संगीत और कला के क्षेत्र में उन्नति के लिए इस दिन मां सरस्वती का विशेष पूजन किया जाता है। माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की उपासना की जाती है। इसी उपासना के महापर्व को वसंत पंचमी कहा जाता है। इस दिन मां सरस्वती का प्रादुर्भाव हुआ था, इसलिए यह दिन उन्हें समर्पित है। माता सरस्वती को पीले फल अत्यंत प्रिय हैं, इसी कारण मंडल के सभी सदस्य पीले वस्त्र धारण कर उपस्थित हुए।

देवी सरस्वती द्वारा वीणा वादन से सृष्टि में मधुर स्वर और जीवन का संचार हुआ। इस अवसर पर अंतिम बाला शर्मा, वर्षा कानूनगो, रेखा मंडलोई, हिताक्षी गुरुव, पूजा ठक्कर, शोभा पालीवाल, लक्ष्मी शर्मा, अर्चना गुले, रेनू भार्गव एवं मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।




