बड़वानी; शताब्दी वर्ष में स्वर्णमई कमलासन पर विराजित होंगे बड़वानी के मूल नायक भगवान नेमीनाथ निकलेगी भव्य घट एवं शोभा यात्रा ,रथ पर सवार होंगे इंद्र और इंद्राणी
परम पूज्य प्रसन्न मनःप्रणुत सागर जी गुरुदेव का मिलेगा सानिध्य, होंगे धार्मिक अनुष्ठान

बड़वानी; बड़वानी नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विराजित जैन धर्म के 22 वे तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ जी की मूल वेदी पर पहली बार कमलासन पर भगवान नेमीनाथ को विराजित करने का असीम पुण्योदय बड़वानी और निमाड़ वासियों को प्राप्त हुआ है इस कार्यक्रम में परम पूज्य चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य परम पूज्य प्रसन्न मनः प्रणुत सागर जी महाराज क्षुल्लक विनियोग सागर जी के सानिध्य में स्वर्णमई कमलासन पर पूर्ण विधि विधान के साथ आगामी 26,जनवरी को प्रातः विराजित होंगे
इस अवसर पर 25 जनवरी को प्रातः परम पूज्य मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज का ससंघ बड़वानी में बड़ी ही धूम धाम के साथ मंगल प्रवेश होगा ,मंगल प्रवेश के अवसर पर बांसवाड़ा राजस्थान के बैंड के द्वारा धार्मिक स्वर लहरियों के बीच धार्मिक अनुष्ठान और घट यात्रा और शोभायात्रा स्थानीय कारंजा चौराहे से मोतिमाता चौक, महात्मा गांधी मार्ग,रंजीत चौक,झंडा चौक होते हुए जैन मंदिर में पहुंचेगी जहां ध्वजारोहण के साथ मंडल विधान और धार्मिक संस्कार अनुष्ठान सम्पन्न होंगे शोभा यात्रा में 10 रथों में सौधर्म इंद्र,कुबेर,और अन्य इंद्र तथा अन्य पात्र रथों में इंद्र की वेश भूषा में शामिल होंगे , सभी कार्यक्रम पंडित नितिन जी झांझरी और सह प्रतिष्ठाचार्य चक्रेश भैया के निर्देशन में संपन्न होंगे ,

निम्न लोगों को सौभाग्य मिला
नेमीनाथ भगवान के कमलासन प्रदाता पहाड़िया परिवार बड़वानी,पार्श्वनाथ भगवान के कमलासन प्रदाता आलोक जी मन मोहन जी वेद परिवार,और स्वाति जी राजेश जी गोधा परिवार,मंडप उदघाटन कर्ता नरेंद्र जी गौरव जी हितेश जी काला परिवार,ध्वजारोहण लोकेश जी चक्रेश जी रत्नेश जी पहाड़िया परिवार,सौधर्म इंद्र सिद्धार्थ जी सुधीर जी पहाड़िया परिवार,कुबेर ,नवीन जी सिद्धार्थ जी जैन परिवार, महा यज्ञनायक राजेश जी फूल चंद जी गोधा ,ईशान इंद्र सुरेश चंद जी काला ,महेंद्र इंद्र जितेंद्र जी देवेंद्र जी गोधा,सनत कुमार इंद्र सूर्यांश ,सार्थक गंगवाल ,को प्राप्त हुआ तीन अलग अलग कमलासन पर तीन भगवान विराजित होंगे , इस संपूर्ण कार्यक्रम के लिए परम पूज्य मुनि श्री के आशीर्वाद से कमेटी गठित की गई है जो कार्य में जुटी हुई है,
यहां यह उल्लेखनीय है कि भगवान नेमीनाथ की प्रतिमा लगभग 800 वर्ष प्राचीन है और जैन मंदिर को शताब्दी वर्ष आगामी माह में लगने वाला है , परम पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से भगवान का पूरा परिकर नवीन वेदी पर नए कलात्मक सुंदर सुसज्जित स्वर्ण युक्त कमलासन पर विराजित होंगे ,समाज जन ने सभी निमाड़,मालवा, और जैन धर्मावलंबियों से अनुरोध किया है कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर धर्म लाभ ले और अपनी आंखों से भगवान को नये आसान पर विराजित होते हुए देखने के प्रत्यक्ष दर्शी बने,साक्षी बने ,यह दुर्लभ संयोग है कि भगवान को उच्च आसान पर विराजित किया जाएगा । उपरोक्त जानकारी मनीष जैन ने प्रदान की



