ग्रामीण बच्चों संग मनाया गणतंत्र दिवस, शिक्षा व संविधान का दिया संदेश

सेंधवा। अग्रवाल समाज महिला मंडल एवं बहु मंडल द्वारा गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बगुलामुखी मंदिर परिसर में ग्रामीण बच्चों के साथ सादगीपूर्ण एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में राष्ट्रप्रेम, संविधान के प्रति सम्मान तथा शिक्षा के महत्व को जागृत करना रहा।
इस अवसर पर महिला मंडल की सदस्यों ने ग्रामीण बच्चों के साथ मिलकर भोजन किया और आत्मीय वातावरण में गणतंत्र दिवस का महत्व समझाया। अग्रवाल समाज महिला मंडल की अध्यक्ष सपना गोयल, सचिव ऋतु गोयल ने बच्चों को बताया कि 26 जनवरी का दिन हमारे देश के लिए इसलिए विशेष है क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और कर्तव्यों की याद दिलाता है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को देश के संविधान के बारे में सरल शब्दों में जानकारी दी गई। उन्हें मानव अधिकारों के साथ-साथ नागरिक कर्तव्योंकृजैसे देश की एकता व अखंडता बनाए रखना, कानून का पालन करना, स्वच्छता, अनुशासन और आपसी भाईचारेकृके महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही शिक्षा को जीवन का सबसे सशक्त साधन बताते हुए कहा गया कि शिक्षा से ही व्यक्ति अपने अधिकारों को समझ सकता है और अपने कर्तव्यों का सही निर्वहन कर सकता है।
महिला मंडल एवं बहु मंडल की सदस्यों ने बच्चों को नियमित विद्यालय जाने, अनुशासन में रहने तथा अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की और देशभक्ति से जुड़े प्रश्नों में रुचि दिखाई । कार्यक्रम के अंत में सभी ने गणतंत्र दिवस की भावना को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजन ने ग्रामीण बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी और समाज में सकारात्मक संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी राष्ट्रप्रेम और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है। आयोजन को सफल बनाने में संरक्षक किरण तायल,संतोष चौमूवाला, कोषाध्यक्ष रजनी तायल, कार्यकारिणी सदस्य ज्योत्स्ना दीवान, उषा तायल, संगीता मित्तल, मीना चाचरिया, गीता सिंहल, मीना गर्ग, सारिका अग्रवाल, श्वेता मित्तल, कविता अग्रवाल, निर्मला मित्तल, लता खण्डेलवाल, संतोष तायल, संगीता मंगल, निशा एरन, मीना एरन एवं बहू मंडल पहल एरन, सरोज मंगल, वर्षा मंगल, सुलभा तायल, एकता गोयल और लता तायल भी उपस्थित रही।



