भोपाल: किसान कांग्रेस ने 23 फरवरी विधानसभा घेराव की तैयारियां तेज कीं, जिला अध्यक्षों की बैठक
मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस कमिटी के प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक, धर्मेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में किसान समस्याओं पर चर्चा, बड़वानी से हजारों किसानों के कूच का दावा।

जनोदय पंच। मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस कमिटी, भोपाल के प्रदेश कार्यालय में 23 फरवरी को प्रस्तावित विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने जिला अध्यक्षों को आंदोलन मजबूत करने के निर्देश दिए।
रणनीति पर मंथन
बड़वानी जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी ने कहा कि बैठक प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित हुई, जिसमें प्रदेशभर से आए किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक में आगामी 23 फरवरी को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर तैयारियों, संगठनात्मक मजबूती और किसानों को अधिक संख्या में जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की गई।

किसानों की समस्याओं पर जताई चिंता
बड़वानी जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी ने कहा कि बैठक में किसानों से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा किसानों की अनदेखी, फसलों के उचित दाम नहीं मिलना, बढ़ती कृषि लागत, खाद-बीज एवं बिजली की समस्या, फसल बीमा तथा मुआवजा समय पर नहीं मिलने जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे किसान हितों के लिए पूरी सक्रियता और मजबूती के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाएं।
“किसान जन आंदोलन यात्रा” लगातार संचालित
जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में किसानों की समस्याओं को लेकर “किसान जन आंदोलन यात्रा” निरंतर संचालित की जा रही है। इस यात्रा के माध्यम से गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है तथा उनकी वास्तविक समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने की बात कही गई।

बड़वानी जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी का बयान
बैठक में बड़वानी जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी ने कहा कि “प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़वानी जिले के हजारों किसान 23 फरवरी को भोपाल की ओर कूच करेंगे और विधानसभा घेराव में पूरी ताकत के साथ भाग लेंगे।”
अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश
बैठक के अंत में सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने जिलों में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ते हुए विधानसभा घेराव को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं।



