खरगोन; ऑल इंडिया मुशायरे में देर रात हंगामा, अंडे फेंके, सैकड़ों श्रोता मंच पर चढ़े, दो पक्षों की थाने में शिकायत
जमजम मार्केट क्षेत्र में आयोजित ‘एक शाम वतन के नाम’ मुशायरे में गलत रचना, सम्मान न मिलने और आपत्तिजनक कलाम को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।

खरगोन के जमजम मार्केट क्षेत्र में 7 फरवरी 2026 की रात आयोजित ‘एक शाम वतन के नाम’ ऑल इंडिया मुशायरे में 1:25 बजे हंगामा हो गया। सैकड़ों श्रोता मंच पर चढ़े। कार्यक्रम बंद कराया गया। दोनों पक्षों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।
नगरपालिका ने मुस्लिम पार्षदों के सहयोग से जमजम मार्केट क्षेत्र में ‘एक शाम वतन के नाम’ ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया था। इसमें देशभर से शायर शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय शायर अबू बकर जिया के कलाम पेश करने के समय कुछ श्रोताओं ने विरोध जताया। एक पक्ष ने मंच पर सम्मान न मिलने का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने देशप्रेम से हटकर रचनाएं पढ़े जाने पर आपत्ति दर्ज की।
मंच पर चढ़े श्रोता, कार्यक्रम रोकना पड़ा
विवाद बढ़ने पर सैकड़ों श्रोता मंच पर चढ़ गए और शायरों को घेर लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसके बाद कार्यक्रम बीच में ही बंद करना पड़ा। आरोप है कि शायर अबू बकर जिया ने मारपीट, गाली-गलौज और रुपए छीनने की शिकायत पुलिस से की है। घटना का वीडियो भी सामने आया है।

अंडा फेंकने का आरोप, पुलिस ने शिकायतें दर्ज कीं
इसी बीच यह आरोप भी सामने आया कि मुशायरे में शामिल एकमात्र हिंदू शायर अपूर्व गौरव विक्रम शाह की ओर भीड़ की तरफ से अंडा फेंका गया, जिससे उनके कपड़े खराब हो गए। इसके बाद उन्हें मंच छोड़कर जाना पड़ा। थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि किसी शायर की रचना को लेकर विरोध शुरू हुआ था। दोनों पक्षों से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। सीसीटीवी फुटेज मंगाकर परीक्षण किया जा रहा है।
अधिकारी मौके पर रहे, पहले भी हो चुका है विवाद
घटना के समय रात करीब 1 बजे तक टीआई बीएल मंडलोई और एसडीओपी रोहित लखारे मौके पर मौजूद थे। अधिकारियों के वहां से जाने के बाद विवाद की स्थिति बनी। सुरक्षा के मद्देनजर इस बार श्रोताओं के लिए कुर्सियां नहीं लगाई गई थीं। इससे पहले करीब दो वर्ष पहले भी जमजम मार्केट में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरे में विवाद हुआ था, उस समय दर्शकों के बीच कुर्सियां फेंके जाने की घटना सामने आई थी और स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।



