सेंधवा: श्री नारायणदास अस्पताल में भक्तिमय फाग उत्सव, संतों के भजनों पर जमकर खेली होली
त्रिवेणी धाम राजस्थान से आए संतों के सानिध्य में सेंधवा के श्री नारायणदास अस्पताल में फाग उत्सव हुआ। सुबह दर्शन-नाम दीक्षा, फिर फाग भजनों पर फूल-गुलाल की होरी और महाआरती के बाद महाप्रसादी आयोजित की गई।

जनोदय पंच. सेंधवा के श्री नारायणदास अस्पताल में त्रिवेणी धाम से आए संतों के सानिध्य में फाग उत्सव आयोजित हुआ। फाग भजनों पर श्रद्धालु झूमे और फूल-गुलाल की होरी खेली गई। एकादशी पर दर्शन, नाम दीक्षा, महाआरती और महाप्रसादी का आयोजन भी हुआ।
श्री नारायणदास अस्पताल में हुआ फाग उत्सव
सेंधवा में त्रिवेणी धाम से आए संतों के सानिध्य में फाग उत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्री नारायणदास अस्पताल परिसर में हुआ, जहां संतों द्वारा “रंग मत डारे रे सांवरिया म्हारी सास लड़ेगी रे…”, “नजर न लग जाये हो हो…”, “आज श्याम सपने में आयो…” जैसे फाग भजन गाए गए।
भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्तिमय होकर थिरकते रहे और उत्साह के साथ फूलों व गुलाल की होरी खेली गई।

परंपरा के अनुसार हर वर्ष होता है आयोजन
फाल्गुन महीने में परंपरा अनुसार त्रिवेणी धाम के संतों के सानिध्य में फाग उत्सव का आयोजन होता आया है। यह परंपरा रामानंदाचार्य सम्प्रदाय के विश्व प्रसिद्ध जगदगुरु पद्म श्री विभूषित साकेत वासी त्रिवेणी धाम राजस्थान के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 श्री नारायण दास जी महाराज जी एवं उनके सेंधवा के शिष्यों द्वारा शुरू की गई थी, जो निरंतर चली आ रही है।

एकादशी पर दर्शन, नाम दीक्षा और भजन संध्या
वर्तमान त्रिवेणी धाम पीठाधीश्वर खोजी जी द्वाराचार्य श्री श्री 1008 श्री राम रिछपाल दास जी महाराज व उनके साथ आए संतों द्वारा इस वर्ष भी 13 फरवरी, शुक्रवार एकादशी पर फाग उत्सव धूमधाम से मनाया गया।
सुबह 7 बजे से 10 बजे तक महाराज ने भक्तों को दर्शन व नाम दीक्षा दी। इसके बाद सुबह 11 बजे फाग उत्सव शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने फाग भजनों पर झूमते हुए जमकर होरी खेली।

महाआरती के बाद महाप्रसादी का आयोजन
फाग उत्सव के बाद महाआरती संपन्न हुई। इसके बाद दोपहर में महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें एकादशी फलाहार रखा गया। आयोजन में हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की।
महाराज ने अपने आशीर्वचन में मौजूद भक्तों से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं जो भगवान के इस उत्सव में सहभागिता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे भगवान से प्रार्थना करते हैं कि आप सभी सकुशल आनंद मंगल में रहें।
देर शाम महाराज व संत मंडली ने भक्तों के घर पदरावनी की। इस दौरान भी बड़ी संख्या में गुरु भक्तों ने महाराज के दर्शन किए और स्वागत-सत्कार किया।
रामानंद सम्प्रदाय की गुरु परंपरा का उल्लेख
रामानंद सम्प्रदाय की गुरु परंपरा में त्रिवेणी आचार्यों की लंबी श्रृंखला रही है। ब्रह्म पीठ डाकोर धाम व खोजी द्वाराचार्य काठिया परिवार के आचार्य पद पर रहते हुए संत श्री नारायणदास जी महाराज जी ने लोक कल्याणार्थ पूरे देश में अनेक कार्य किए, जिसके चलते उन्हें पद्म श्री से अलंकृत किया जा चुका है।
उनके बाद वर्तमान में त्रिवेणी धाम खोजी जी द्वाराचार्य पीठ पर उनके परम शिष्य श्री श्री 1008 श्री राम रिछपालदास जी महाराज विराजते हैं। त्रिवेणी पीठ के बड़ी संख्या में शिष्य पूरे भारत सहित सेंधवा में मौजूद हैं।



