सेंधवा; निमाड़ की रेल परियोजनाओं को लेकर मराठे ने की प्रो. खंडेलवाल से लंबी चर्चा
मनमाड-इंदौर संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे ने हाईकोर्ट याचिका व सलाह के लिए जताया आभार, प्रतीक चिन्ह देकर किया स्वागत

जनोदय पंच। सेंधवा। निमाड़ में रेलवे परियोजना को लेकर एक ओर मनमाड-इंदौर परियोजना के लिए सेंधवा से मनोज मराठे द्वारा संघर्ष समिति के माध्यम से संघर्ष कर परियोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर खंडवा-दाहोद-बड़वानी रेल परियोजना को लेकर वर्षों से प्रोफेसर ओ.पी. खंडेलवाल द्वारा रेल मार्ग निर्माण के लिए संघर्ष के साथ न्यायालयीन लड़ाई लड़ी जा रही है।

खंडेलवाल के निवास पर मुलाकात, आभार व्यक्त किया
आज उनके निवास पर जाकर मनमाड-इंदौर की सफलता को लेकर, उनके द्वारा समय-समय पर दिए गए बहुमूल्य सलाह और न्यायालय में जनहित याचिका लगाने को लेकर दी गई मदद को लेकर संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे ने आभार व्यक्त किया।
प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत, दी बधाई
मनमाड-इंदौर संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे ने उनका और उनके परिवारजनों का प्रतीक चिन्ह देकर जोरदार स्वागत किया, तथा मनमाड-इंदौर रेल लाइन परियोजना का कार्य शुरू होने की बधाई दी।
2009 में हाईकोर्ट याचिका में तकनीकी मदद
ज्ञात है कि जब 2009 में इस परियोजना को लेकर राज्य सरकार ने अपनी हिस्सेदारी देने से मना कर दिया था, उस समय यह परियोजना लाभ की है और इसे राज्य सरकारों की सहमति व आर्थिक सहयोग की जरूरत नहीं है, इसे लेकर इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने को लेकर प्रोफेसर खंडेलवाल ने मराठे की तकनीकी और तथ्यात्मक स्तर पर मदद की, जिसके चलते मनमाड-इंदौर परियोजना को लेकर याचिका हाईकोर्ट में दायर हो सकी।
संसद और मंत्रालय स्तर पर सहयोग का उल्लेख
समय-समय पर इस परियोजना को लेकर लोकसभा व राज्यसभा सांसदों द्वारा संसद में सहमति दिलवाई गई। रेल परियोजना को लेकर रेलवे मंत्री से सांसदों द्वारा भी सहयोग दिलवाया गया।
आर्थिक मंजूरी और निर्माण कार्य पर चर्चा
अंत में 18 हजार करोड़ की परियोजना को आर्थिक मंजूरी दिलाने में अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य से मिलने से सहयोग मिला। इस परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण के साथ-साथ चल रहे निर्माण कार्य को लेकर खंडेलवाल ने मराठे को साधुवाद दिया।



