बड़वानी: छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर भव्य सांस्कृतिक आयोजन, “जय शिवाजी-जय भवानी” से गूंजा नगर

जनोदय पंच। बड़वानी। सर्व महाराष्ट्रीयन समाज द्वारा 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हर्षाेल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। दशहरा मैदान के समीप सलूजा गार्डन में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में नगर भगवामय नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत शिवाजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। पूरे आयोजन के दौरान “जय शिवाजी, जय भवानी” के नारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने शिवाजी महाराज के राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को अनुकरणीय बताया। पीयूष मराठा ने कहा कि शिवाजी राजे भोसले महान राजा और कुशल रणनीतिकार थे। जिन्होंने वर्ष 1674 में रायगढ़ में राज्याभिषेक के बाद मराठा साम्राज्य की नींव रखी। उन्होंने औरंगजेब के मुगल साम्राज्य से वर्षों तक संघर्ष किया तथा अनुशासित सेना और सुदृढ़ प्रशासन के बल पर प्रगतिशील शासन स्थापित किया। समर विद्या में नवाचार करते हुए उन्होंने छापामार युद्ध शैली विकसित की और फारसी के स्थान पर मराठी व संस्कृत को राजकाज की भाषा बनाकर भारतीय परंपराओं को पुनर्जीवित किया।

गजेंद्र सोनाने ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकजुटता बढ़ती है और सकारात्मक संदेश जाता है। समाज के शत-प्रतिशत बच्चों को शिक्षित करने पर जोर देते हुए प्रतिभावान विद्यार्थियों को समय-समय पर पुरस्कृत करने तथा जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने का निर्णय भी लिया गया।
कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें मराठी परंपरा और वीर शिवाजी के जीवन प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक महाराष्ट्रीयन वेशभूषा धारण कर आयोजन की शोभा बढ़ाई। प्रतिवर्ष निकलने वाली शोभायात्रा के स्थान पर इस वर्ष विशेष सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसे समाजजनों ने सराहा।

कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल, लोकसभा सांसद प्रतिनिधि निक्कू चौहान, राम सोनोने, बड़वानी कोतवाली प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन, कमलेश बागुल, पीयूष मराठा, गुलाब सूर्यवंशी, भारत सूर्यवंशी, संगीता लोह, रेणुका सोनाने, आरती सोनाने, अनिता सूर्यवंशी, मयूर उपासनी, गजेंद्र सोनाने सहित सर्व महाराष्ट्रीयन समाज के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




