अंजड: अंतिम यात्रा को सम्मान देने की पहल, मुक्तिधाम रोड पर बना शव विश्राम स्थल—सेवा कार्यों में फिर आगे समर्पण सेवा संस्था

अंजड:- भटके हुए लोगों की मदद करना हो, लावारिस शवों का दाह संस्कार करना हो, वृद्धजनों की सहायता हो या बेजुबानों की सेवा करना हो ऐसे ही पीड़ित मानवता व सेवा के कार्यो में समर्पण सेवा संस्था हमेंशा अग्रणी रहती है और समर्पण सेवा संस्था के सदस्यों एवं नगर के भामाशाहों ने एक और बड़ा काम कर दिखाया है।
उन्होंने शवो के लिए एक सर्वसुविधायुक्त विश्राम स्थल बनाया है जो कि बहुत ही सराहनीय है जिसकी प्रसंशा सभी और की जा रही है।
शव विश्राम स्थल का गुरुवार को नगर परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती, समर्पण सेवा संस्था के सदस्यों व नगर के दानदाताओ के करकमलों से पौधा रोपण कर नगर की जनता को समर्पित किया गया।
संस्था के सतीश परिहार ने जनाकारी देते हुए बताया कि पांच साल पूर्व शवो का अंतिम संस्कार नर्मदा तट किनारे स्थित छोटा बड़दा में किया जाता था लेकिन सरदार सरोवर डेम में पानी रोकने के बाद डूब में आने से अधिकांश लोग शवो का अंतिम संस्कार फुटला तालाब के समीप बने नवनिर्मित मुक्तिधाम पर करने लगे है। अतः फुटला तालाब के सामने मुक्तिधाम रोड पर संस्था द्वारा नगर के भामाशाहों के सहयोग से अपने दिवंगतों की स्मृति में उक्त विश्राम स्थल का निर्माण करवाया है जो निकलने वाली अंतिम यात्रा में शव को विश्राम देने की परंपरा का निर्वहन करेगा।
समर्पण सेवा संस्था के सदस्यों ने बताया कि हमारे जीवन मे किसी भी प्रकार की यात्रा हो उसे विश्राम की आवश्यकता होती है इसी प्रकार व्यक्ति की अंतिम यात्रा को भी विश्राम की आवश्यकता रहती है व शव यात्रा को विश्राम देने की हमारे वैदिक सनातन धर्म मे प्राचीन समय से परंपरा चली आ रही है व विश्राम स्थल पर चिन्दी बोर सहित कुछ रश्म भी निभाई जाती है जिसकी नगर में बहुत आवश्यकता थी अल्प विश्राम स्थल के अभाव में आमजनो को परेशान होना पड़ता था तथा चिन्दी बोर की परंपरा रास्ते मे उन्हें किसी भी जगह निभानी पड़ती थी।

लगभग 3 महिने में बनकर हुआ तैयार:-
समर्पण सेवा संस्था के सतीश परिहार ने बताया कि शव विश्राम स्थल का निर्माण लगभग 3 महिने पहले शुरू किया गया था जिसका 19 फरवरी को लोकार्पण हुआ।
सर्वसुविधायुक्त विश्राम स्थल:-
विश्राम स्थल पर टीनशेड लगाया गया उसमें शव को रखने हेतु एक चबूतरे का निर्माण किया गया जमीन पर सीमेंट कंक्रीट और डामरीकरण करवाया गया तथा अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के बैठने हेतु सीमेंट की स्थायी कुर्सियां, पीने के पानी हेतु टंकी की व्यवस्था तथा चिन्दी बोर परंपरा हेतु पौधों का रोपण किया गया।
पीड़ित मजदूर परिवार की करि मदद:-
पिछले दिनों वार्ड क्रमांक 12 में निवासरत संतोष जो मजदूरी का काम करता है जिसकी झोपड़ी अज्ञात कारणों से जल कर खाक हो गई थी सन्तोष व उसकी बूढ़ी माँ पुनी बाई के पास तन पर पहने कपड़ो के अलावा कुछ भी नही बचा था अतः समर्पण सेवा संस्था द्वारा पीड़ित परिवार को एक माह की राशन सामग्री व दोनों माँ बेटों को पहनने के लिए कपड़े व सोने के लिए बिस्तर उपलब्ध करवाए।

अनुकरणीय कार्य किया जा रहा
समर्पण सेवा संस्था द्वारा नगर में बहुत ही अनुकरणीय कार्य किया जा रहा है अपने नाम के अनुरूप सदस्यों का पूरा समर्पण रहता है तथा जरूरतमन्दों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते है। इस सेवा व नेक कार्य की जितनी भी प्रसंशा की जाए कम है। मांगीलाल मुकाती, अध्यक्ष नगर परिषद, अंजड
सतीश परिहार, समपर्ण सेवा संस्था प्रमुख
इस विश्राम स्थल की आवश्यकता बहुत दिनों से की जा रही थी जो आज बनकर तैयार हो गया है। इसमे आगामी दिनों में बिल्वपत्र, पारिजात, शमी सहित अनेक छायादार पौधे भी लगाए जाएंगे और इसे ओर अधिक सुंदर बनाया जाएगा तथा समय-समय पर इसकी देखरेख कर स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इसके निर्माण में नगर परिषद कर्मचारियों का बहुत ही सराहनीय सहयोग रहा जिन्होंने समय-समय पर जेसीबी मशीन, फायर फाइटर व टेंकरो से पानी की व्यवस्था करना तथा सफाई कर्मचारियों द्वारा साफ सफाई आदि का सराहनीय सहयोग दिया। इस दौरान संस्था के देवेंद्र यादव, राजू प्रजापत, विजय मेहरा, गिरीश चौहान, अजरूद्दीन मंसुरी, पार्षद कार्तिकेय चौहान, टीकम मंडलोई व अन्य उपस्थित रहे।



