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बड़वानी: रमजान का तीसरा अशरा शुरू, मस्जिदों में इबादत और तकरीरों का दौर, शब-ए-कद्र की अहमियत बताई

रमजान-उल-मुबारक का दूसरा अशरा पूरा होने के साथ तीसरे अशरे की शुरुआत, शहर की मस्जिदों में तकरीरें और इबादत का सिलसिला; मुस्लिम समुदाय ने दुआओं और नेक जीवन का संदेश दिया।

जनोदय पंच। बड़वानी में रमजान-उल-मुबारक का दूसरा अशरा पूरा होने के बाद तीसरे और अंतिम अशरे की शुरुआत हो गई है। मस्जिदों में विशेष तकरीरें आयोजित की जा रही हैं। मुस्लिम समुदाय इबादत में जुटा है और शब-ए-कद्र की अहमियत के साथ गुनाहों की माफी की दुआ कर रहा है।


रमजान का तीसरा और अंतिम अशरा शुरू

बड़वानी। रमजान-उल-मुबारक का दूसरा अशरा पूरा होने के साथ ही पवित्र महीने का तीसरा और अंतिम अशरा यानी ‘जहन्नुम से निजात’ का दौर शुरू हो गया है। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की इबादत में लीन होकर अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हैं। शहर की विभिन्न मस्जिदों में दूसरे अशरे के समापन और तीसरे अशरे की शुरुआत पर विशेष तकरीरें आयोजित की गईं।

मस्जिदों में तकरीरों के जरिए दी गई धार्मिक सीख

जामा मस्जिद में हाफिज अब्दुल जब्बार नूरी, बशीरन मस्जिद में हाफिज मो. नवेद साहब और हाफिज अरमान साहब ने तकरीर के दौरान पवित्र कुरान शरीफ के हवाले से गुनाहों से तौबा करने और नेक जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने हजरत अली की बहादुरी और उनकी शहादत पर भी रोशनी डाली। शहर की कदीमी मस्जिद, उस्मानिया मस्जिद, सऊद मस्जिद, शाही मस्जिद और रानीपुरा मस्जिद में भी उलेमाओं ने इस्लाम के भाईचारे और नेक जिंदगी के सिद्धांतों पर जोर दिया।

शब-ए-कद्र की अहमियत बताई

नगर के मुस्लिम बुद्धिजीवी एवं पत्रकार हाजी अब्दुल अजीज मंसूरी ने बताया कि तीसरे अशरे में ही ‘शब-ए-कद्र’ की मुकद्दस रात आती है। यह रात जहन्नुम के अजाब से छुटकारा दिलाने वाली और बरकतों वाली होती है। इस रात में अधिक से अधिक इबादत और दुआ करने की ताकीद की गई है।

रमजान का संदेश और सामाजिक सहभागिता

सामाजिक कार्यकर्ता और पुलिस अधिकारी असद खान ने कहा कि रमजान का महीना सादगी, ईमानदारी और बुराइयों से बचने का महीना है। उन्होंने पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के बताए सच्चाई के मार्ग पर चलने और इंसानियत की सेवा करने का संदेश दिया। बड़वानी से पूर्व जिला सदर एवं पूर्व चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अब्दुल रशीद पटेल, वरिष्ठ समाजसेवी अब्दुल सादिक चंदेरी, शायर आरिफ एहमद शेख इकरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष (ए.आई.जे.) विक्रम सेन और अब्दुल रजाक तिगाले ने भी माहे रमजान के तीसरे अशरे की शुरुआत की मुबारकबाद दी।

बाजारों में बढ़ी रौनक और इफ्तार की तैयारी

बड़वानी शहर में सुबह 4 बजे से सहरी की चहल-पहल शुरू हो जाती है, जो शाम 6:30 बजे इफ्तार तक जारी रहती है। रोजेदार पूरे उत्साह के साथ इबादत कर रहे हैं और मुल्क की खुशहाली की दुआ मांग रहे हैं। जैसे-जैसे पवित्र माह समापन की ओर बढ़ रहा है, शहर के फुटपाथ बाजार, कपड़ा दुकानों और किराना दुकानों पर खरीदारी बढ़ गई है। लोग खैरात और जकात देने के कार्यों में भी भाग ले रहे हैं। माहे रमजान की विशेष कवरेज के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया को अब्दुल अजीज मंसूरी दोस्त और अब्दुल सादिक चंदेरी समाजसेवी की ओर से शुभकामनाएं दी गईं।

 

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