सेंधवा; खले सर के जन्मोत्सव पर काव्य गोष्ठी, साहित्यिक प्रस्तुतियों से हुआ सम्मान
कविताओं, गीतों और ग़ज़लों से सजी शाम, गुरु के व्यक्तित्व और योगदान पर हुआ विस्तृत विमर्श

सेंधवा में काव्य मंच द्वारा खले सर के जन्मोत्सव के अवसर पर उनके निजी निवास पर एक गरिमामय काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और शिक्षकों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से खले सर के व्यक्तित्व, योगदान और गुरु महिमा को रेखांकित करते हुए भावपूर्ण सम्मान अर्पित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षक राजेश शर्मा द्वारा खले सर के शिक्षा एवं समाज के प्रति किए गए उल्लेखनीय कार्यों के वर्णन से हुई। उन्होंने उनके व्यक्तित्व, सादगी और मार्गदर्शक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उपस्थितजनों को प्रेरित किया। मंच संयोजक मनोज मराठे ने आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि खले सर का काव्य मंच के गठन और संचालन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

काव्य प्रस्तुतियों ने बांधा समां
काव्य गोष्ठी में मंच के सदस्यों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं। महेश बाविष्कर, शाकिर शेख ‘शाकिर’, हाफिज अहमद ‘हाफिज’, चेतन गोयल, निलेश मंगल, पवन शर्मा ‘हमदर्द’ और विशाल त्रिवेदी ने अपनी कविताओं और गीतों के माध्यम से गुरु के प्रति सम्मान और जीवन मूल्यों को अभिव्यक्त किया। शायर वाजिद हुसैन ‘साहिल’ की ग़ज़ल ने कार्यक्रम को नई ऊंचाई प्रदान की और श्रोताओं का विशेष आकर्षण बनी।

लोकगीत, व्यंग्य और अनुभवों की प्रस्तुति
कार्यक्रम में गिरीश त्रिवेदी ने निमाड़ी लोकगीत के माध्यम से जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, वहीं शिक्षक निर्मल चौहान ने ग्रामीण परिवेश पर आधारित कविता प्रस्तुत की। प्रसिद्ध गायक दीपक भार्ग ने हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुति देकर माहौल को आनंदमय बना दिया। मंच के राष्ट्रीय प्रतिभा विजय पाटिल ने अपने विदेश में साहित्यिक अनुभव साझा करते हुए हिंदी साहित्य के विस्तार पर प्रकाश डाला।
गरिमामय समापन और उपस्थिति
अंत में संचालक मनोज मराठे ने जीवन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम का समापन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक विकास पंडित, मनीषा खलेकर सहित खले परिवार के सदस्य और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान केक कटिंग कर जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।



