सेंधवा के सांदीपनि स्कूल में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया प्रवेश उत्सव, नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक और पुष्प वर्षा से स्वागत
अतिथियों ने शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव

सेंधवा, जनोदय पंच। शहर के सांदीपनि स्कूल में प्रवेश उत्सव कार्यक्रम बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती के पूजन के साथ हुई, जिसके पश्चात नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव ने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें, ताकि वे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। नपा उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन द्वारा बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर विद्यार्थी आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने शिक्षा को जीवन में सफलता का प्रमुख आधार बताया। आपने संदीपनी स्कूल का नाम कैसे पड़ा, इस पर कृष्ण-सुदामा की कहानी बताकर उनके गुरु के नाम संदीपनी पर इसका नाम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रखा गया।

शिक्षा के प्रति जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम में प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने कहा कि प्रवेश उत्सव का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार है और हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। जनपद अध्यक्ष लता पटेल, गणेश राठौड़, मेघा एकड़ी एवं प्रखर शर्मा ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ता है और अभिभावकों में भी जागरूकता आती है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अनीश शेख ने किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को अतिथियों व प्राचार्य आशीष श्रीवास ने निःशुल्क पुस्तकें, स्कूल ड्रेस एवं साइकिल वितरित की गई। राज्य स्तरीय इंग्लिश ओलिंपियाड, जिला ग्वालियर में सांदीपनि विद्यालय सेंधवा की दो छात्राएं, कुमारी गौरांशी पाटिल कक्षा दूसरी एवं कुमारी काजल किराडे कक्षा तीसरी ने जिला बड़वानी का प्रतिनिधित्व कर सेंधवा शहर का गौरव बढ़ाया, जिन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। जिससे बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।




