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रेल परियोजना पर बड़ा कदम: आयोग ने मांगा प्रस्ताव, दिल्ली में होगी उच्चस्तरीय चर्चा

रेल परियोजना पर बड़ा कदम: आयोग ने मांगा प्रस्ताव, दिल्ली में होगी उच्चस्तरीय चर्चा

जनोदय पंच। सेंधवा।  मनमाड–इन्दौर रेल परियोजना को गति देने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने संघर्ष समिति से विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि 6 अप्रैल को दिल्ली में रेल मंत्री एवं रेलवे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस परियोजना को लेकर विशेष बैठक तय की गई है, जिसमें प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

मनमाड–इन्दौर रेलवे संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे ने आयोग से मुलाकात कर परियोजना की 306 किलोमीटर लंबी डीपीआर को तीन भागों में विभाजीत कर अलग-अलग टेंडर जारी करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा दावे-आपत्ति निराकरण और अवार्ड प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।

प्रस्ताव के अनुसार रेल मार्ग को 102-102 किलोमीटर के तीन हिस्सों — मनमाड से धुलिया, नरडाणा से व्हाया सेंधवा बरूफाटक तथा बरूफाटक से महू — में बांटकर पृथक डीपीआर और टेंडर जारी किए जाएं, जिससे निर्माण कार्य एक साथ प्रारंभ होकर समय व लागत दोनों की बचत हो सके।
आयोग अध्यक्ष आर्य ने कहा कि संघर्ष समिति द्वारा रखा गया प्रस्ताव परियोजना के हित में है और संबंधित अधिकारियों को बुलाकर इस पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। साथ ही सेंधवा से जुलवानिया तक प्रस्तावित रेलवे यार्ड का विस्तृत प्रस्ताव भी मांगा गया है। इस पर श्री मराठी में आदरणीय अंतर सिंह जी आर्य से कहा कि इरादा का प्रस्ताव तैयार मैं आपके सामने जल्दी पेश कर दूंगा यदि रेल्वे यार्ड बनता है तो सेंधवा से जुलवानिया तक आर्थिक उद्योग धंधों को बड़ी सौगात मिलेगी हमारे क्षेत्र के हजारों व्यापारियों मजदूरों को वहान व्यवसाय को बहुत बड़ा फायदा होगा कि मैं यार्ड के लिए स्वयं अधिक प्रयास करूंगा ताकि हमारे क्षेत्र का विकास इस परियोजना के चलते हो
संघर्ष समिति ने आशा जताई कि आयोग के हस्तक्षेप से परियोजना में तेजी आएगी तथा रेल मार्ग और यार्ड निर्माण से क्षेत्र के उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसरों को बड़ा लाभ मिलेगा।

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