सेंधवा: चैत्र गौरी पर हळदी-कुंकू कार्यक्रम और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन, विजेताओं का हुआ सम्मान
मां गौरी पूजन के साथ महिलाओं ने निभाई परंपरा, निबंध प्रतियोगिता में विजेताओं को किया गया सम्मानित

जनोदय पंच ; सेंधवा सेंधवा में चैत्र गौरी के अवसर पर हळदी-कुंकू कार्यक्रम और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महिलाओं ने परंपरागत रूप से एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर सौहार्द बढ़ाया। प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया और सांस्कृतिक गतिविधियों से कार्यक्रम में उत्साह रहा।
सेंधवा में चैत्र माह के पावन अवसर पर शुक्रवार को महिलाओं द्वारा चैत्र गौरी निमित्त हळदी-कुंकू कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां गौरी की पूजा-अर्चना के साथ हुई। परंपरा के अनुसार महिलाओं ने एक-दूसरे को हल्दी और कुमकुम लगाकर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की, जिससे सामाजिक सौहार्द का संदेश प्रसारित हुआ।
निबंध प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण
इस अवसर पर महिला दिवस के उपलक्ष्य में “गृहिणी एवं नौकरी” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने गृहिणी और कामकाजी महिला के दायित्वों, संघर्षों और समाज में उनके योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
सीनियर ग्रुप में गोरी लोमटे प्रथम, रोहिणी जोशी द्वितीय, सुनीता जोशी और भारती नाईट तृतीय, अंकिता ओक एवं वंदना पाठक को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। जूनियर ग्रुप में पूजा जोशी प्रथम, तेजस्विनी जोशी द्वितीय, मोना सराफे तृतीय तथा सोनाली उपासनी और रूपाली पाठक को विशेष पुरस्कार दिए गए।

महिला अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय पाटिल रहे। उन्होंने अपने संबोधन में महिलाओं की भूमिका को समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि आज की महिला घर और कार्यक्षेत्र दोनों में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन मुख्य परामर्शदाता मेघा एकडी ने किया, जबकि समाज में संचालित गतिविधियों की जानकारी अध्यक्ष सुप्रिया वैध ने दी। इस दौरान विजय पाटिल को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक गतिविधियां और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिससे वातावरण उत्साहपूर्ण रहा। आयोजन में एडवोकेट मोरेश्वर देसाई, एडवोकेट श्याम एकडी, संतोष वैद्य, श्याम जोशी, जितेंद्र जोशी, किरण गोरे, पुष्पा देसाई, अलका जोशी, रोहिणी गोरे, रूपाली गोरे, मंदा उपासनी, रेखा ओक, चारुशीला कुलकर्णी, लीना दापोरकर, सुखदा सप्रे सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सचिव संध्या उपासनी ने आभार व्यक्त किया। सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन ने परंपरा के संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।



