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सेंधवा: किसानों की समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन, समर्थन मूल्य और ब्याज पर उठाए सवाल

किसान संघ ने सरकार को चेताया, गेहूं खरीदी और ब्याज मुद्दे पर जताया विरोध

जनोदय पंच।  सेंधवा; सेंधवा में भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। समर्थन मूल्य, गेहूं खरीदी, ब्याज, पराली और मूंग पंजीयन जैसे मुद्दों पर समाधान की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी गई।

सेंधवा में भारतीय किसान संघ द्वारा मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश भोपाल के नाम तहसीलदार को किसानों की विभिन्न समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन देने के दौरान तहसील अध्यक्ष निलेश शर्मा, तहसील मंत्री विशाल मंडलोई, जिला जैविक प्रभारी बृजमोहन शास्त्री, तहसील सदस्य अभय बाजपेई, चेतन पाटीदार, सादिक खान सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

समर्थन मूल्य और खरीदी प्रक्रिया पर उठाए मुद्दे

ज्ञापन में बताया गया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ाने से किसानों में रोष व्याप्त है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार द्वारा कृषि कल्याण वर्ष मनाने और किसानों की आय बढ़ाने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं बनी हुई हैं। किसानों ने मांग की कि गेहूं की खरीदी 11 क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से समर्थन मूल्य पर की जाए।

 ब्याज और कर्ज व्यवस्था पर चिंता व्यक्त

सहकारी बैंकों द्वारा 0 प्रतिशत ब्याज पर सेवा सहकारी संस्था की अवधि 28 मार्च के बाद नहीं बढ़ाए जाने से किसानों पर 7 प्रतिशत ब्याज एवं 14 प्रतिशत दंड का भार आ गया है। जबकि गेहूं खरीदी की तारीख 10 अप्रैल तक बढ़ाई गई है। इस स्थिति में लगभग 60 प्रतिशत किसान डिफॉल्टर हो गए हैं। पिछले वर्ष डिफॉल्टर किसानों को ब्याज राशि वापस करने का वादा भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।

पराली और अतिक्रमण से जुड़ी समस्याएं

ज्ञापन में गेहूं के खापे (पराली) जलाने पर किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का विरोध किया गया। किसानों ने कहा कि जब तक पराली निष्पादन का स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है। साथ ही बारदान की व्यवस्था समय पर नहीं होने को प्रशासन की लापरवाही बताया गया।

किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी के पंजीयन शीघ्र शुरू करने की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यदि समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो भारतीय किसान संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।


 

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