सेंधवा में किसान कांग्रेस का प्रदर्शन, किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन, नीलामी कार्य एक घंटे रुका
किसानों की समस्याओं को लेकर मंडी परिसर में जुटे कार्यकर्ता, नीलामी प्रक्रिया और मूल्य निर्धारण को लेकर उठाए सवाल

जनोदय पंच | सेंधवा; सेंधवा कृषि उपज मंडी में मंगलवार को किसान कांग्रेस ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार राहुल सोलंकी को ज्ञापन सौंपा गया और करीब एक घंटे तक मंडी में नीलामी कार्य प्रभावित रहा।
मंगलवार को सेंधवा कृषि उपज मंडी में किसान कांग्रेस ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सिलदार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मंडी परिसर में एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार राहुल सोलंकी को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान मंडी में लगभग 200 से अधिक किसान 300 से अधिक वाहनों में मक्का और गेहूं की उपज लेकर बिक्री के लिए पहुंचे थे। प्रदर्शन के कारण मंडी में करीब एक घंटे तक नीलामी का कार्य बंद रहा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।

सचिन यादव ने सुनी किसानों की समस्याएं
प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने मौके पर किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने बताया कि मक्का की नमी मॉइश्चर मीटर से जांची जाती है, लेकिन नीलामी के बाद गोदाम में माल खाली करते समय व्यापारी नमी का हवाला देकर भाव कम कर देते हैं।
मूल्य निर्धारण को लेकर उठे सवाल
किसानों ने यह भी बताया कि गेहूं की गुणवत्ता जांच के लिए कोई स्पष्ट मापदंड नहीं है, जिससे मनमाने तरीके से कीमत तय की जा रही है। इस पर सचिन यादव ने मंडी सचिव को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेशभर में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
ज्ञापन में सहकारी समितियों और कृषि उपज मंडियों के चुनाव शीघ्र कराने, सोसायटी ऋण की अंतिम तिथि बढ़ाने, गेहूं का समर्थन मूल्य 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल करने, बिजली वसूली पर रोक लगाने और किसानों को डिफॉल्टर घोषित न करने की मांग की गई। इसके अलावा सोयाबीन ऑयल के टैक्स-फ्री आयात पर रोक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ, फसल क्षति का सर्वे कर मुआवजा देने और बलवाड़ी व खेतिया मंडी को गेहूं खरीदी केंद्र बनाने की मांग भी शामिल रही।
इस अवसर पर पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पोरलाल खरते, सुभद्रा परमार, यश ठक्कर, कलीम बाबा, मुकेश गोयल, खूमसिंग कनौजे, रमेश, शोभाराम पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। किसानों से चर्चा के बाद सचिन यादव ने चेतावनी दी कि यदि मंडी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो किसान कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।



