बड़वाह। सिद्धवरकूट बड़वाह सड़क का कार्य तय समय सीमा में होगा पूर्ण…. ठेकेदार ने दिया गुणवत्तापूर्ण निर्माण का आश्वासन….

बड़वाह। सिद्धवरकूट से बड़वाह तक बन रही 18 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
एनएचडीसी द्वारा करीब 4 करोड़ रूपए की लागत से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य को गुणवत्ताविहिन बताते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने एसडीएम सत्यनारायण दर्रो से लिखित शिकायत की थी। जिसके बाद निर्माण कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि कार्य गुणवत्तापूर्ण होगा साथ ही लोगों की मंशा के अनुसार ही निर्माण कार्य किया जाएगा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा था सड़क से डामर और डस्ट उखड़ रही है। जिसके कारण बाइक चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ग्राम रावत पलासिया, मठ पलासिया और सुलगांव सहित आधा दर्जन गांवों के निवासियों ने एसडीएम को शिकायती पत्र दिया था। ग्रामीणों ने बताया ठेकेदार द्वारा मानकों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है।
यह मार्ग सिंहस्थ 2028 की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुणवत्ता पर ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद एनएचडीसी के अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही सड़क कार्य की जांच कर अधिकारियों ने ठेकेदार को इंजीनियिर मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए है।

पहली लेयर से किया है बेस तैयार ———— निर्माण कार्य कर रही बीआर गोयल कंपनी के प्रतिनिधि उत्कर्ष शर्मा ने बताया ग्रामीणों की मंशा के अनुसार कार्य होगा। ग्रामीण पहली लेयर बिछाने के बाद सड़क का निर्माण मान रहे हैं। जबकि इसके उपर डामरीकरण का कार्य बाकी है। ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डामर (बिटुमेन) की भारी किल्लत हो गई है और इसके दामों में 60 से 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के मुताबिक रिफाइनरियों से आपूर्ति बाधित होने के कारण कार्य की गति धीमी हुई है। जिसे जल्द ही सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है। शर्मा ने बताया 18 किमी सड़क का निर्माण ग्रामीणों की मंशा के अनुसार ही होगा। जैसा कार्य 10 किमी सड़क का हुआ है वैसी गुणवत्ता के साथ 8 किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में शेष 8 कमी के हिस्से पर प्राइम कोट और बेस तैयार करने का काम किया जा रहा है।
अभी बेस तैयार, कारपेटिंग बाकी ———- शर्मा ने बताया 18 किलोमीटर में से 10 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। शेष हिस्सों में अभी केवल बेस तैयार किया गया है। जिसके उपर 20-25 मिमी का बिटुमिनस कारपेट बिछाया जाना बाकी है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि मुख्य सड़क की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है और किनारों पर बिखरा मटेरियल रोलर के दबाव के कारण दिख रहा है। कार्य पूरा होने के बाद लोग भी निर्माण कार्य पर संतोष जाहिर करेंगे। ठेकेदार पक्ष ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है बढ़ी हुई लागत के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सिंहस्थ 2028 की महत्ता को देखते हुए इस मार्ग को निर्धारित समय के भीतर गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है।



