सेंधवा में खराब सड़कों को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, ज्ञापन सौंपा, 35 सड़कों की सूची सौंपकर सुधार की मांग, आंदोलन की चेतावनी
एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार राहुल सोलंकी को सौंपा गया ज्ञापन

सेंधवा में पोरलाल खर्ते के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने खराब सड़कों के विरोध में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार राहुल सोलंकी को ज्ञापन सौंपा। 35 जर्जर सड़कों की सूची देते हुए तत्काल मरम्मत और शिक्षकों पर ज्म्ज् परीक्षा की शर्त हटाने की मांग की गई।
विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन
सेंधवा में सोमवार को पोरलाल खर्ते के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने खराब सड़कों के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 1:30 बजे सभी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार राहुल सोलंकी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की सड़कें चलने लायक नहीं बची हैं और उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को 35 सड़कों की सूची सौंपी, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त बताई गई हैं। पोरलाल खर्ते ने कहा कि धनोरा, चाचरिया, सुरानी और वरला क्षेत्रों में सड़कों पर डामर कम और गड्ढे अधिक हैं। सड़कों के किनारे झाड़-झंखाड़ उगने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। मांग की गई कि इन मार्गों पर तुरंत पैचवर्क कराया जाए और आवश्यकता अनुसार नई सड़कें बनाई जाएं।
शिक्षकों के मुद्दे पर आपत्ति
ज्ञापन में शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस का कहना है कि वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर ज्म्ज् परीक्षा की शर्त लागू करना उचित नहीं है। 26 मार्च को जारी आदेश का विरोध करते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग रखी गई, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके।
ज्ञापन में कालापाट-पलासपानी, बिजापुरी-कोलखेड़ा, केरमाला-महानीम और सुरानी-मोहनपड़वा जैसे मार्गों का उल्लेख किया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़कों के गड्ढे नहीं भरे गए और सफाई नहीं हुई, तो चक्काजाम किया जाएगा। इस दौरान पोरलाल खर्ते के साथ राजेंद्र गाडवे, इकबाल शाह, संजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।




