भोपाल: चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर प्रदेशव्यापी कार्रवाई
मध्यप्रदेश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों पर पुलिस ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई की।

मध्यप्रदेश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े मामलों को लेकर राज्यव्यापी अभियान चलाया गया। साइबर सेल से मिले इनपुट पर विभिन्न जिलों में दर्जनों मामले दर्ज हुए और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। बच्चे-केंद्रित अवैध डिजिटल कंटेंट की जांच भी शुरू कर दी गई है।
मध्यप्रदेश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों पर पुलिस ने राज्यस्तरीय समन्वित अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई अंजाम दी। स्टेट साइबर सेल द्वारा प्राप्त इनपुट के आधार पर प्रदेशभर के जिलों में एक साथ 48 एफआईआर दर्ज की गईं। स्थानीय पुलिस टीमों ने इन सभी मामलों में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों से जुड़े अवैध डिजिटल कंटेंट को रोकने के लिए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में भी इस प्रकार के अपराधों पर सख्ती जारी रहेगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की निगरानी के दौरान साइबर सेल ने संदिग्ध लिंक, डिजिटल गतिविधियों और डेटा ट्रेल की पहचान की। इन सूचनाओं को जिलों में भेजकर वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई गई।
पुलिस ने संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर डिवाइस, मोबाइल फोन और डेटा स्टोरेज उपकरण जब्त किए। तकनीकी टीमों ने इन साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है ताकि अवैध कंटेंट के निर्माण, प्रसार और नेटवर्क की विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।जांच एजेंसियों के अनुसार, अब फोरेंसिक परीक्षण के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कंटेंट व्यक्तिगत स्तर पर तैयार किया गया था या इसके पीछे कोई संगठित डिजिटल नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से संबंधित प्रत्येक प्रकरण को प्राथमिकता दी जा रही है और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अपराधों पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे और तेज की जाएगी।
प्रदेशभर में चल रही इस जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने यह कंटेंट कहां से प्राप्त किया, किस तरह साझा किया और क्या इसके प्रसार में किसी बाहरी नेटवर्क की भूमिका रही। जब्त किए गए उपकरणों की जांच पूरी होने के बाद संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अपराधों पर राज्य में शून्य सहनशीलता की नीति लागू है और बच्चों से जुड़े किसी भी तरह के शोषण पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



