सेंधवा; माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का अजजा आयोग अध्यक्ष आर्य ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश
माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के कार्यों की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया गया। परियोजना के माध्यम से खेतों तक दबावयुक्त जल पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे स्थायी सिंचाई सुविधा, कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय में सुधार की संभावना है।

सेंधवा। रमन बोरखड़े। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, भारत सरकार के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने शनिवार को सेंधवा क्षेत्र के ग्राम लंगड़ीमोहड़ी में रामचंद्र बिट्ठल बड़े माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के प्रगतिरत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना स्थल पर पहुंचकर चल रहे कार्यों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत खुदाई सहित प्रारंभिक कार्य प्रगति पर हैं।
किसानों के लिए परियोजना का महत्व
निरीक्षण के दौरान अंतरसिंह आर्य ने कहा कि यह परियोजना जनजातीय और ग्रामीण अंचल के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परियोजना के माध्यम से वर्षा पर निर्भर खेती से राहत मिलेगी तथा खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इससे फसल उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय में सुधार होगा। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों से होने वाले पलायन पर भी नियंत्रण संभव होगा।

तकनीकी ढांचा और सिंचाई क्षमता
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत नर्मदा नदी से जल को लगभग 500 मीटर की ऊंचाई तक उद्वहन कर मुख्य पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। करीब 56 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक दबावयुक्त जल आपूर्ति की जाएगी, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी। परियोजना की अनुमानित लागत 1400 करोड़ रुपए से अधिक है। इसके पूर्ण होने पर लगभग 44 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 53 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। माइक्रो सिंचाई प्रणाली के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा।

जनसंवाद और स्थानीय प्रतिक्रिया
निरीक्षण के दौरान अंतरसिंह आर्य ने स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। ग्रामीणों ने परियोजना को क्षेत्र के लिए आवश्यक बताते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने की मांग रखी। इस अवसर पर शोभाराम तरोले, तारसिंग पटेल, जगन मेहता, भूपेंद्र शर्मा, रोहित शर्मा, भायराम चौहान, रामेश्वर प्रजापति, रूमसिंग निगवाले सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने कहा कि परियोजना के कार्य प्रारंभ होने से किसानों में संतोष दिखाई दे रहा है और नर्मदा जल से सिंचाई का सपना साकार होता नजर आ रहा है। उल्लेखनीय है कि सेंधवा और निवाली माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनवरी में किया था।




