सेंधवा; विधायक मोंटू सोलंकी ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना और पीएम श्री स्कूल निर्माण को लेकर आयोग से की महत्वपूर्ण मांग
आदिवासी अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना और पीएम श्री स्कूल निर्माण के लिए विधायक मोंटू सोलंकी ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से किया महत्वपूर्ण आग्रह

सेंधवा। विधानसभा के विधायक श्री मोंटू सोलंकी ने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक अस्मिता, स्वाभिमान और क्षेत्र के शिक्षा विकास से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतरसिंह आर्य जी के समक्ष रखा है।
विधायक सोलंकी ने बताया कि ग्राम बलवाड़ी में आदिवासी समाज के द्वारा वर्षों से भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को गाता बस स्टैंड, बलवाड़ी में स्थापित करने की मांग की जा रही है। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के संघर्ष का प्रतीक है। उनकी प्रतिमा स्थापित होने से समाज में नई प्रेरणा का संचार होगा और युवा पीढ़ी उनके आदर्शोंकृसाहस, आत्मगौरव, सामूहिक शक्ति और न्याय के प्रति प्रतिबद्धताकृको आत्मसात कर सकेगी। उन्होंने आयोग से आग्रह किया है कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिमा स्थापना की घोषणा की जाए, ताकि समाज की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सके और बिरसा मुंडा जी के विचार दूर-दूर तक प्रसारित हों।
इसी के साथ विधायक ने क्षेत्र की शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्राम चाचरियापाटी में स्वीकृत च्ड श्री स्कूल के निर्माण में हो रही देरी पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। स्कूल निर्माण हेतु आवश्यक वनभूमि की अनुमति लंबित होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाएँ समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहीं। विधायक ने आयोग से अनुरोध किया है कि वन विभाग से संबंधित भूमि आवंटन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने में मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाए। उनका कहना है कि यह स्कूल आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा के सशक्तीकरण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।
विधायक मोंटू सोलंकी ने कहा कि आदिवासी अस्मिता का सम्मान और शिक्षा का विकासकृदोनों ही उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकताएँ हैं, और समाज से जुड़े हर वास्तविक मुद्दे को पूरा करने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे।



