इंदौर: पूर्व कुलपति नरेंद्र धाकड़ पहुंचे कलेक्टर जनसुनवाई में, बेटे पर लगाया मारपीट का आरोप, कलेक्टर ने कहा — दोनों पक्षों को बैठाकर समझाया जाएगा, फिर भी हल न निकला तो होगी कानूनी कार्रवाई
जनसुनवाई में 250 से अधिक नागरिकों ने दीं विभिन्न शिकायतें, कई मामलों का हुआ मौके पर निराकरण

कलेक्टर शिवम वर्मा की जनसुनवाई में मंगलवार को पारिवारिक विवाद का अनोखा मामला सामने आया, जब देवी अहिल्या विवि के पूर्व कुलपति व्हीलचेयर पर पहुंचे और अपने बेटे पर मारपीट का आरोप लगाया। वहीं किसानों ने कलेक्टर का सम्मान कर आभार जताया।
पूर्व कुलपति ने जनसुनवाई में बेटे पर लगाए गंभीर आरोप
इंदौर। पारिवारिक विवाद अब आम लोगों के साथ-साथ प्रतिष्ठित परिवारों में भी देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की जनसुनवाई में ऐसा ही एक मामला सामने आया। जनसुनवाई में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति नरेंद्र धाकड़ व्हीलचेयर पर पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी और बेटी भी थीं। उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर कहा कि उनकी समस्या का समाधान किया जाए। पूर्व कुलपति नरेंद्र धाकड़ ने अपने ही बेटे के खिलाफ आवेदन दिया और आरोप लगाया कि बेटा उनके साथ मारपीट करता है और उन्हें घर से बाहर निकाल देता है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले विरोध करने पर बेटे ने उनका मोबाइल भी रख लिया था।
कलेक्टर ने सुलह की प्रक्रिया शुरू करने का दिया आश्वासन
कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कहा कि विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को बुलाकर बैठाया जाएगा और यदि इसके बाद भी कोई हल नहीं निकलता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों ने किया कलेक्टर का सम्मान, जनसुनवाई में उमड़ी भीड़
जनसुनवाई के दौरान सांवेर क्षेत्र से आए किसानों ने कलेक्टर शिवम वर्मा का साफा पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत-अभिनंदन किया। किसानों ने बताया कि हाल ही में सांवेर कृषि उपज मंडी में कलेक्टर वर्मा द्वारा उनकी समस्याओं का तत्परता से निराकरण किया गया था, जिसके लिए वे विशेष रूप से आभार व्यक्त करने पहुंचे थे।
जनसुनवाई में आज 250 से अधिक नागरिकों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दिए। इनमें पारिवारिक विवाद, मकान पर कब्जे, प्लॉट नहीं मिलने और रास्ता विवाद जैसी शिकायतें प्रमुख रहीं। कलेक्टर सहित विभागीय अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का हाथों-हाथ निराकरण किया।



