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इंदौर; दूषित पानी से 22वीं मौत, आईसीयू में 13 मरीज भर्ती

भागीरथपुरा में डर बरकरार, अस्पतालों में इलाज जारी

इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र से जुड़ा एक और मामला सामने आया है, जिससे मृतकों की संख्या 22 हो गई। अस्पतालों में कई मरीजों का इलाज जारी है और आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 13 हो चुकी है।


दूषित पानी से एक और मौत

इंदौर में दूषित पानी पीने से 22वीं मौत दर्ज की गई है। मृतक की पहचान कमला बाई, पति तुलसीराम (59) के रूप में हुई है। उन्हें 5–6 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर 7 जनवरी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 9 जनवरी को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

हाल ही में बदला था ठिकाना

मृतक के पति मजदूरी करते हैं। दोनों करीब 20 दिन पहले जीवन की फेल से भागीरथपुरा आकर रहने लगे थे। इसी दौरान दूषित पानी पीने से कमला बाई की तबीयत बिगड़ी। मौत के बाद परिजनों ने नगर निगम की टीम और संबंधित केंद्र को सूचना दी, लेकिन आधार कार्ड जीवन की फेल का होने के कारण इसे दूषित पानी से हुई मौत में शामिल नहीं किया गया।

पहले से किडनी की बीमारी

एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव के अनुसार कमला बाई भागीरथपुरा यूनिट की मरीज नहीं थीं। वह पंचम की फेल की निवासी थीं और पिछले एक वर्ष से किडनी की बीमारी से पीड़ित थीं। मामला एमएलसी का नहीं होने से पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया।

आईसीयू में मरीजों की संख्या बढ़ी

भागीरथपुरा में दूषित पानी को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। लोग आरओ, बोरिंग और बोतल के पानी का उपयोग कर रहे हैं। पानी को छानकर और उबालकर पीया जा रहा है। 8 जनवरी को आईसीयू में 10 मरीज थे, 10 जनवरी को संख्या 11 हुई और 11 जनवरी को यह बढ़कर 13 पहुंच गई। कई दिनों से 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।

स्वास्थ्य विभाग का सर्वे और बुलेटिन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार 50 दलों ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे किया। 176 सदस्यों ने 924 घरों में ओआरएस और जिंक की गोलियां वितरित कीं। महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी की गई। रविवार को 13 नए डायरिया मरीज सामने आए, जिनमें से 1 को रेफर किया गया।

नगर निगम आयुक्त का दौरा

रविवार को नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भागीरथपुरा का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। टैंकरों से पानी की सप्लाई, सीवरेज और ड्रेनेज लाइन की सफाई, मलेरिया टीम द्वारा नाला सफाई और पानी उबालकर पीने के लिए अनाउंसमेंट के निर्देश दिए गए। सभी बीट प्रभारी और उपयंत्रियों को सरकारी बोरिंग में क्लोरिनेशन करने के निर्देश भी दिए गए।

इलाज जारी, सतर्कता बढ़ी

भागीरथपुरा में डायरिया के कारण 13 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। 42 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब तक 427 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 385 डिस्चार्ज हो चुके हैं। बस्ती के आयुष्मान क्लिनिक में 24 घंटे डॉक्टर तैनात हैं और दो एम्बुलेंस मौके पर मौजूद हैं।


 

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