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इंदौर को मिला नया निगमायुक्त: क्षीतिज सिंघल को सौंपी गई नगर निगम की कमान

दूषित पानी प्रकरण के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई, अनुभवी आईएएस अधिकारी को सौंपी गई जिम्मेदारी

जनोदय पंच इंदौर इंदौर शहर में नगर निगम स्तर पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। निगमायुक्त पद पर नई नियुक्ति के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है। यह फैसला हालिया घटनाक्रम के बाद लिया गया है।

इंदौर नगर निगम में निगमायुक्त पद पर बड़ा बदलाव करते हुए 2014 बैच के आईएएस अधिकारी क्षीतिज सिंघल को नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। शुक्रवार रात दिलीप कुमार यादव के तबादले के बाद शनिवार को यह आदेश जारी किया गया। जानकारी के अनुसार क्षीतिज सिंघल शनिवार को ही अपना कार्यभार संभाल सकते हैं। नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में यह बदलाव हालिया घटनाक्रम के बाद किया गया है।

प्रशासनिक अनुभव और पहचान

क्षीतिज सिंघल को प्रशासनिक हलकों में तेजतर्रार अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे इससे पहले उज्जैन नगर निगम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और बिजली कंपनी में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनकी पत्नी शीतला पटले भी आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में सिवनी जिले में कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं। प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर क्षीतिज सिंघल की पहचान सख्त और बेबाक अधिकारी के रूप में मानी जाती है।

कोर्ट मैरिज से बनी थी अलग पहचान

क्षीतिज सिंघल कुछ वर्ष पहले व्यक्तिगत जीवन के कारण भी चर्चा में आए थे। उन्होंने आईएएस अधिकारी शीतला पटले के साथ 1 जनवरी को बिना मुहूर्त कोर्ट मैरिज की थी, जिसे लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा हुई थी। यह निर्णय अपने समय में काफी सुर्खियों में रहा था।

तबादले की पृष्ठभूमि और अन्य नियुक्तियां

गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतों के मामले में सरकार ने निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटाया था। इसी क्रम में नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर इंदौर से स्थानांतरित किया गया। इसके बाद इंदौर नगर निगम में तीन आईएएस अधिकारियों आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक की नियुक्ति की गई। इनमें आकाश सिंह और प्रखर सिंह डायरेक्ट आईएएस हैं, जबकि आशीष पाठक प्रमोटी आईएएस हैं। नगर निगम के इतिहास में दिलीप कुमार यादव का कार्यकाल सबसे छोटा रहा, जिनकी पदस्थापना 9 सितंबर को हुई थी और लगभग चार महीने बाद ही उनका तबादला कर दिया गया।

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