इंदौर-उज्जैन के बीच 46 किमी सिक्स-लेन सड़क, दिसंबर 2026 तक होगी तैयार, इंदौर से उज्जैन की दूरी होगी आसान, सिक्स-लेन सड़क निर्माण अंतिम चरणों में
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए धार्मिक पर्यटन और कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

इंदौर और उज्जैन के बीच यातायात सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सिक्स-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। 46 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 1672 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। सड़क के दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने का लक्ष्य निर्धारित है।
परियोजना का उद्देश्य
मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने के लिए इंदौर-उज्जैन के बीच सिक्स-लेन सड़क परियोजना पर कार्य जारी है। उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए इस सड़क को रणनीतिक रूप से विकसित किया जा रहा है, ताकि दोनों प्रमुख शहरों के बीच सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
निर्माण की समय-सीमा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस सिक्स-लेन हाईवे का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से चल रही है, जिससे कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो सके।
46 किलोमीटर का आधुनिक मार्ग
यह सिक्स-लेन सड़क उज्जैन के हरिफाटक ओवर ब्रिज से शुरू होकर इंदौर के अरविंदो हॉस्पिटल तक विकसित की जा रही है। कुल 46 किलोमीटर लंबा यह मार्ग इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा को अधिक सुगम बनाएगा। हवाई मार्ग से इंदौर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए उज्जैन तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान होगा।
ट्रैफिक मैनेजमेंट की व्यवस्था
परियोजना के अंतर्गत मौजूदा चार लेन सड़क के दोनों ओर 12-12 फीट चौड़ी अतिरिक्त सड़क बनाई जा रही है, जिससे पूरा मार्ग सिक्स-लेन में परिवर्तित हो जाएगा। योजना के अनुसार दोपहिया वाहनों, कारों और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग लेन निर्धारित की जाएंगी, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी।
ग्रामीण कनेक्टिविटी पर फोकस
स्थानीय यातायात को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना में आठ जंक्शन बनाए जा रहे हैं। ये जंक्शन ग्रामीण सड़कों को सिक्स-लेन हाईवे से सुरक्षित रूप से जोड़ेंगे, जिससे आसपास के गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ने में सुविधा होगी और हाईवे पर वाहनों की गति प्रभावित नहीं होगी।
सिंहस्थ 2028 के लिए अहम
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। अनुमान के अनुसार सिंहस्थ से पहले इस मार्ग से प्रतिदिन 70 हजार से अधिक वाहन गुजर सकते हैं। ऐसे में यह सिक्स-लेन सड़क यातायात दबाव को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सितंबर 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद से ही निर्माण कार्य में तेजी आई है। यह सड़क महाकाल लोक के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी एक बड़ी सुविधा के रूप में सामने आएगी।



